सृष्टि से प्रकाशितवाक्य तक प्रमुख घटनाएँ — 572 घटनाएँ
और आदम की कुल अवस्था नौ सौ तीस वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:5)
और हनोक की कुल अवस्था तीन सौ पैंसठ वर्ष की हुई। (उत्पत्ति 5:23) और हनोक परमेश्वर के साथ साथ चलता था; फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया। (उत्पत्ति 5:24)
और शेत की कुल अवस्था नौ सौ बारह वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:8)
और एनोश की कुल अवस्था नौ सौ पांच वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:11)
और केनान की कुल अवस्था नौ सौ दस वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:14)
और महललेल की कुल अवस्था आठ सौ पंचानवे वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:17)
और येरेद की कुल अवस्था नौ सौ बासठ वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया। (उत्पत्ति 5:20)
और लेमेक की कुल अवस्था सात सौ सतहत्तर वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:31)
और मतूशेलह की कुल अवस्था नौ सौ उनहत्तर वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:27)
जब पेलेग तीस वर्ष को हुआ, तब उसके द्वारा रू का जन्म हुआ। और रू के जन्म के पश्चात पेलेग दो सौ नौ वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई॥ (उत्पत्ति 11:18-19)
जब नाहोर उनतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा तेरह का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:24)
जलप्रलय के पश्चात नूह साढ़े तीन सौ वर्ष जीवित रहा। (उत्पत्ति 9:28)
जब रू बत्तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा सरूग का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:20)
जब सरूग तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा नाहोर का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:22)
और हारान अपने पिता के साम्हने ही, कस्दियों के ऊर नाम नगर में, जो उसकी जन्म भूमि थी, मर गया। (उत्पत्ति 11:28)
जब तेरह दो सौ पांच वर्ष का हुआ, तब वह हारान देश में मर गया॥ (उत्पत्ति 11:32)
जब अर्पक्षद पैंतीस वर्ष का हुआ, तब उसने शेलह को जन्म दिया। और शेलह के जन्म के पश्चात अर्पक्षद चार सौ तीन वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं॥ (उत्पत्ति 11:12-13)
जब शेलह तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा एबेर को जन्म हुआ। और एबेर के जन्म के पश्चात शेलह चार सौ तीन वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं॥ (उत्पत्ति 11:14-15)
सारा तो एक सौ सत्ताईस बरस की अवस्था को पहुंची; और जब सारा की इतनी अवस्था हुई; (उत्पत्ति 23:1)
शेम की वंशावली यह है। जल प्रलय के दो वर्ष पश्चात जब शेम एक सौ वर्ष का हुआ, तब उसने अर्पक्षद को जन्म दिया। (उत्पत्ति 11:10) और अर्पक्षद ने जन्म के पश्चात शेम पांच सौ वर्ष जीवित रहा; और उसके और भी बेटे …
इब्राहीम की सारी अवस्था एक सौ पचहत्तर वर्ष की हुई। (उत्पत्ति 25:7)
जब एबेर चौंतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा पेलेग का जन्म हुआ। और पेलेग के जन्म के पश्चात एबेर चार सौ तीस वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं॥ (उत्पत्ति 11:16-17)
इश्माएल की सारी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई: तब उसके प्राण छूट गए, और वह अपने लोगों में जा मिला। (उत्पत्ति 25:17)
और रिबका की दूध पिलानेहारी धाय दबोरा मर गई, और बेतेल के नीचे सिन्दूर वृक्ष के तले उसको मिट्टी दी गई, और उस सिन्दूर वृक्ष का नाम अल्लोनबक्कूत रखा गया॥ (उत्पत्ति 35:8)
तब ऐसा हुआ, कि वह मर गई, और प्राण निकलते निकलते उसने उस बेटे को नाम बेनोनी रखा: पर उसके पिता ने उसका नाम बिन्यामीन रखा। यों राहेल मर गई, और एप्राता, अर्थात बेतलेहेम के मार्ग में, उसको मिट्टी दी गई। (उ…
इसहाक की अवस्था एक सौ अस्सी बरस की हुई। (उत्पत्ति 35:28)
मिस्र देश में याकूब सतरह वर्ष जीवित रहा: इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई। (उत्पत्ति 47:28)
निदान यूसुफ एक सौ दस वर्ष का हो कर मर गया: और उसकी लोथ में सुगन्धद्रव्य भरे गए, और वह लोथ मिस्र में एक सन्दूक में रखी गई॥ (उत्पत्ति 50:26)
और लेवी के पुत्र जिन से उनकी वंशावली चली है, उनके नाम ये हैं: अर्थात गेर्शोन, कहात और मरारी, और लेवी को पूरी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई। (निर्गमन 6:16)
और कहात के पुत्र: अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल थे, और कहात की पूरी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई। (निर्गमन 6:18)
अम्राम ने अपने पिता की बहन योकेबेद से विवाह किया, और उसने उसके लिए हारून और मूसा को जन्म दिया; और अम्राम की आयु एक सौ सैंतीस वर्ष थी। (निर्गमन 6:20)
मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आंखें धुंधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था। (व्यवस्थाविवरण 34:7)
और जब हारून होर पर्वत पर मर गया तब वह एक सौ तेईस वर्ष का था। (गिनती 33:39)
यपुन्ने का पुत्र कालेब मरता है।
इन बातों के बाद यहोवा का दास, नून का पुत्र यहोशू, एक सौ दस वर्ष का हो कर मर गया। (यहोशू 24:29)
तब चालीस वर्ष तक देश में शान्ति बनी रही। और उन्हीं दिनों में कन्जी ओत्नीएल मर गया॥ (न्यायियों 3:11)
ज्योंही उसने परमेश्वर के सन्दूक का नाम लिया त्योंही एली फाटक के पास कुर्सी पर से पछाड़ खाकर गिर पड़ा; और बूढ़े और भारी होने के कारण उसकी गर्दन टूट गई, और वह मर गया। उसने तो इस्राएलियों का न्याय चालीस …
तब शाऊल ने अपने हथियार ढोने वाले से कहा, अपनी तलवार खींच कर मुझे भोंक दे, ऐसा न हो कि वे खतनारहित लोग आकर मुझे भोंक दें, और मेरी ठट्टा करें। परन्तु उसके हथियार ढोने वाले ने अत्यन्त भय खाकर ऐसा करने से…
यह देखकर कि इस्राएली पुरुष भाग गए, और शाऊल और उसके पुत्र मर गए, उस तराई की परली ओर वाले और यरदन के पार रहने वाले भी इस्राएली मनुष्य अपने अपने नगरों को छोड़कर भाग गए; और पलिश्ती आकर उन में रहने लगे। (1…
तब यहोवा का कोप उज्जा पर भड़क उठा; और परमेश्वर ने उसके दोष के कारण उसको वहां ऐसा मारा, कि वह वहां परमेश्वर के सन्दूक के पास मर गया। (2 शमूएल 6:7)
और अबशालोम ने अपने सेवकों को आज्ञा दी, कि सावधान रहो और जब अम्नोन दाखमधु पीकर नशे में आ जाए, और मैं तुम से कहूं, अम्नोन को मार डालना। क्या इस आज्ञा का देनेवाला मैं नहीं हूं? हियाव बान्धकर पुरुषार्थ कर…
योआब ने कहा, मैं तेरे संग यों ही ठहरा नहीं रह सकता! सो उसने तीन लकड़ी हाथ में ले कर अबशालोम के हृदय में, जो बांज वृक्ष में जीवति लटका था, छेद डाला। तब योआब के दस हथियार ढोने वाले जवानों ने अबशालोम को …
तब दाऊद अपने पुरखाओं के संग सो गया और दाऊदमुर में उसे मिट्टी दी गई। (1 राजा 2:10)
सुलैमान को यरूशलेम में सब इस्राएल पर राज्य करते हुए चालीस वर्ष बीते। और सुलैमान अपने पुरखाओं के संग सोया, और उसको उसके पिता दाऊद के नगर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र रहूबियाम उसके स्थान पर राजा हुआ।…
और सुलैमान का पुत्र रहूबियाम यहूदा में राज्य करने लगा। रहूबियाम इकतालीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा; और यरूशलेम जिस को यहोवा ने सारे इस्राएली गोत्रों में से अपना नाम रखने के लिये चुन लिया था, उस नगर …
जब राजा मर गया, तब शोमरोन को पहुंचाया गया और शोमरोन में उसे मिट्टी दी गई। (1 राजा 22:37)
जब यहोशापात राज्य करने लगा, तब वह पैंतीस वर्ष का था। और पचीस पर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अजूबा था, जो शिल्ही की बेटी थी। (1 राजा 22:42)
तब येहू ने धनुष को कान तक खींच कर योराम के पखौड़ों के बीच ऐसा तीर मारा, कि वह उसका हृदय फोड़ कर निकल गया, और वह अपने रथ में झुक कर गिर पड़ा। (2 राजा 9:24)
यह देखकर यहूदा का राजा अहज्याह बारी के भवन के मार्ग से भाग चला। और येहू ने उसका पीछा कर के कहा, उसे भी रथ ही पर मारो; तो वह भी यिबलाम के पास की गूर की चढ़ाई पर मारा गया, और मगिद्दो तक भाग कर मर गया। (…
यहोआहाज के पुत्र इस्राएल के राजा यहोआश के मरने के बाद योआश का पुत्र यहूदा का राजा अमस्याह पन्द्रह वर्ष जीवित रहा। (2 राजा 14:17)
जब वह राज्य करने लगा, तब सोलह वर्ष का था, और यरूशलेम में बावन वर्ष राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम यकोल्याह था, जो यरूशलेम की थी। (2 राजा 15:2)
निदान योताम अपने पुरखाओं के संग सो गया और अपने मुलपुरुष दाऊद के नगर में अपने पुरखाओं के बीच उसको मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र आहाज उसके स्थान पर राज्य करने लगा। (2 राजा 15:38)
निदान आहाज अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसे उसके पुरखाओं के बीच दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र हिजकिय्याह उसके स्थान पर राज्य करने लगा। (2 राजा 16:20)
निदान मनश्शे अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसे उसके भवन की बारी में जो उज्जर की बारी कहलाती थी मिट्टी दी गई; और उसका पुत्र आमोन उसके स्थान पर राजा हुआ। (2 राजा 21:18)
और आमोन के कर्मचारियों ने द्रोह की गोष्ठी कर के राजा को उसी के भवन में मार डाला। (2 राजा 21:23)
उसके दिनों में फ़िरौन-नको नाम मिस्र का राजा अश्शूर के राजा के विरुद्ध परात महानद तक गया तो योशिय्याह राजा भी उसका साम्हना करने को गया, और उसने उसको देखते ही मगिद्दो में मार डाला। (2 राजा 23:29)
निदान यहोयाकीम अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसका पुत्र यहोयाकीन उसके स्थान पर राजा हुआ। (2 राजा 24:6)