सृष्टि से प्रकाशितवाक्य तक प्रमुख घटनाएँ — 572 घटनाएँ
तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी करके उसने मनुष्यों की सृष्टि की। (उत्पत्ति 1:27) तब परमेश्वर ने जो कुछ ब…
जब आदम एक सौ तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा उसकी समानता में उस ही के स्वरूप के अनुसार एक पुत्र उत्पन्न हुआ उसका नाम शेत रखा। (उत्पत्ति 5:3)
जब शेत एक सौ पांच वर्ष का हुआ, तब उसने एनोश को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:6)
जब एनोश नब्बे वर्ष का हुआ, तब उसने केनान को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:9)
जब केनान सत्तर वर्ष का हुआ, तब उसने महललेल को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:12)
जब महललेल पैंसठ वर्ष का हुआ, तब उसने येरेद को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:15)
जब येरेद एक सौ बासठ वर्ष का हुआ, जब उसने हनोक को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:18)
जब हनोक पैंसठ वर्ष का हुआ, तब उसने मतूशेलह को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:21)
जब मतूशेलह एक सौ सत्तासी वर्ष का हुआ, तब उसने लेमेक को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:25)
जब लेमेक एक सौ बयासी वर्ष का हुआ, तब उसने एक पुत्र जन्म दिया। और यह कहकर उसका नाम नूह रखा, कि यहोवा ने जो पृथ्वी को शाप दिया है, उसके विषय यह लड़का हमारे काम में, और उस कठिन परिश्रम में जो हम करते हैं…
और नूह पांच सौ वर्ष का हुआ; और नूह ने शेम, और हाम और येपेत को जन्म दिया॥ (उत्पत्ति 5:32)
शेम की वंशावली यह है। जल प्रलय के दो वर्ष पश्चात जब शेम एक सौ वर्ष का हुआ, तब उसने अर्पक्षद को जन्म दिया। (उत्पत्ति 11:10)
जब अर्पक्षद पैंतीस वर्ष का हुआ, तब उसने शेलह को जन्म दिया। (उत्पत्ति 11:12)
जब शेलह तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा एबेर को जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:14)
जब एबेर चौंतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा पेलेग का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:16)
जब पेलेग तीस वर्ष को हुआ, तब उसके द्वारा रू का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:18)
जब रू बत्तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा सरूग का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:20)
जब सरूग तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा नाहोर का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:22)
जब नाहोर उनतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा तेरह का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:24)
जब तक तेरह सत्तर वर्ष का हुआ, तब तक उसके द्वारा अब्राम, और नाहोर, और हारान उत्पन्न हुए॥ (उत्पत्ति 11:26) जब तेरह दो सौ पांच वर्ष का हुआ, तब वह हारान देश में मर गया॥ (उत्पत्ति 11:32) यहोवा के इस वचन के…
जब तक तेरह सत्तर वर्ष का हुआ, तब तक उसके द्वारा अब्राम, और नाहोर, और हारान उत्पन्न हुए॥ (उत्पत्ति 11:26) जब तेरह दो सौ पांच वर्ष का हुआ, तब वह हारान देश में मर गया॥ (उत्पत्ति 11:32) यहोवा के इस वचन के…
तब इब्राहीम मुंह के बल गिर पड़ा और हंसा, और अपने मन ही मन कहने लगा, क्या सौ वर्ष के पुरूष के भी सन्तान होगा और क्या सारा जो नब्बे वर्ष की है पुत्र जनेगी? (उत्पत्ति 17:17)
जब हाजिरा ने अब्राम के द्वारा इश्माएल को जन्म दिया उस समय अब्राम छियासी वर्ष का था। (उत्पत्ति 16:16)
और बड़ी एक पुत्र जनी, और उसका नाम मोआब रखा: वह मोआब नाम जाति का जो आज तक है मूलपिता हुआ। (उत्पत्ति 19:37)
और छोटी भी एक पुत्र जनी, और उसका नाम बेनम्मी रखा; वह अम्मोन वंशियों का जो आज तक हैं मूलपिता हुआ॥ (उत्पत्ति 19:38)
और जब इब्राहीम का पुत्र इसहाक उत्पन्न हुआ तब वह एक सौ वर्ष का था। (उत्पत्ति 21:5)
और पहिला जो उत्पन्न हुआ सो लाल निकला, और उसका सारा शरीर कम्बल के समान रोममय था; सो उसका नाम ऐसाव रखा गया। पीछे उसका भाई अपने हाथ से ऐसाव की एड़ी पकड़े हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। और जब…
और पहिला जो उत्पन्न हुआ सो लाल निकला, और उसका सारा शरीर कम्बल के समान रोममय था; सो उसका नाम ऐसाव रखा गया। पीछे उसका भाई अपने हाथ से ऐसाव की एड़ी पकड़े हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। और जब…
सो लिआ: गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, कि यहोवा ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है: सो अब मेरा पति मुझ से प्रीति रखेगा। (उत्पत्ति 29:32)
फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने यह कहा कि यह सुनके, कि मैं अप्रिय हूं यहोवा ने मुझे यह भी पुत्र दिया: इसलिये उसने उसका नाम शिमोन रखा। (उत्पत्ति 29:33)
फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, अब की बार तो मेरा पति मुझ से मिल जाएगा, क्योंकि उससे मेरे तीन पुत्र उत्पन्न हुए: इसलिये उसका नाम लेवी रखा गया। (उत्पत्ति 29:34)
और फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक और पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, अब की बार तो मैं यहोवा का धन्यवाद करूंगी, इसलिये उसने उसका नाम यहूदा रखा; तब उसकी कोख बन्द हो गई॥ (उत्पत्ति 29:35)
और राहेल ने कहा, परमेश्वर ने मेरा न्याय चुकाया और मेरी सुन कर मुझे एक पुत्र दिया: इसलिये उसने उसका नाम दान रखा। (उत्पत्ति 30:6)
और राहेल की लौंडी बिल्हा फिर गर्भवती हुई और याकूब से एक पुत्र और उत्पन्न हुआ। तब राहेल ने कहा, मैं ने अपनी बहिन के साथ बड़े बल से लिपट कर मल्लयुद्ध किया और अब जीत गई: सो उसने उसका नाम नप्ताली रखा। (उत…
जब लिआ: ने देखा कि मैं जनने से रहित हो गई हूं, तब उसने अपनी लौंडी जिल्पा को ले कर याकूब की पत्नी होने के लिये दे दिया। और लिआ: की लौंडी जिल्पा के भी याकूब से एक पुत्र उत्पन्न हुआ। तब लिआ: ने कहा, अहो …
फिर लिआ: की लौंडी जिल्पा के याकूब से एक और पुत्र उत्पन्न हुआ। तब लिआ: ने कहा, मैं धन्य हूं; निश्चय स्त्रियां मुझे धन्य कहेंगी: सो उसने उसका नाम आशेर रखा। (उत्पत्ति 30:12-13)
तब लिआ: ने कहा, में ने जो अपने पति को अपनी लौंडी दी, इसलिये परमेश्वर ने मुझे मेरी मजूरी दी है: सो उसने उसका नाम इस्साकार रखा। (उत्पत्ति 30:18)
और लिआ: फिर गर्भवती हुई और याकूब से उसके छठवां पुत्र उत्पन्न हुआ। तब लिआ: ने कहा, परमेश्वर ने मुझे अच्छा दान दिया है; अब की बार मेरा पति मेरे संग बना रहेगा, क्योंकि मेरे उससे छ: पुत्र उत्पन्न चुके हैं…
तत्पश्चात् उसके एक बेटी भी हुई, और उसने उसका नाम दीना रखा। (उत्पत्ति 30:21)
सो उसने यह कह कर उसका नाम यूसुफ रखा, कि परमेश्वर मुझे एक पुत्र और भी देगा। (उत्पत्ति 30:24)
तब ऐसा हुआ, कि वह मर गई, और प्राण निकलते निकलते उसने उस बेटे को नाम बेनोनी रखा: पर उसके पिता ने उसका नाम बिन्यामीन रखा। यों राहेल मर गई, और एप्राता, अर्थात बेतलेहेम के मार्ग में, उसको मिट्टी दी गई। (उ…
अकाल के प्रथम वर्ष के आने से पहिले यूसुफ के दो पुत्र, ओन के याजक पोतीपेरा की बेटी आसनत से जन्मे। (उत्पत्ति 41:50) और यूसुफ ने अपने जेठे का नाम यह कहके मनश्शे रखा, कि परमेश्वर ने मुझ से सारा क्लेश, और …
अकाल के प्रथम वर्ष के आने से पहिले यूसुफ के दो पुत्र, ओन के याजक पोतीपेरा की बेटी आसनत से जन्मे। (उत्पत्ति 41:50) और दूसरे का नाम उसने यह कहकर एप्रैम रखा, कि मुझे दु:ख भोगने के देश में परमेश्वर ने फुल…
Now these are the names of the sons of Israel, Jacob and his sons, who went to Egypt: Reuben, Jacob's firstborn... The sons of Levi: Gershon, Kohath, and Merari. (GEN 46:8, 11)
और कहात के पुत्र: अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल थे, और कहात की पूरी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई। (निर्गमन 6:18)
और जब मूसा और हारून फिरौन से बात करने लगे तब मूसा तो अस्सी वर्ष का था, और हारून तिरासी वर्ष का था॥ (निर्गमन 7:7)
जब बालक कुछ बड़ा हुआ तब वह उसे फिरौन की बेटी के पास ले गई, और वह उसका बेटा ठहरा; और उसने यह कहकर उसका नाम मूसा रखा, कि मैं ने इस को जल से निकाल लिया॥ (निर्गमन 2:10)
मूसा के उत्तराधिकारी यहोशू का जन्म।
जब यहोवा के दास मूसा ने मुझे इस देश का भेद लेने के लिये कादेशबर्ने से भेजा था तब मैं चालीस वर्ष का था; और मैं सच्चे मन से उसके पास सन्देश ले आया। (यहोशू 14:7)
एली तो अट्ठानवे वर्ष का था, और उसकी आंखें धुन्धली पड़ गई थीं, और उसे कुछ सूझता न था। (1 शमूएल 4:15)
उसके शाऊल नाम एक जवान पुत्र था, जो सुन्दर था, और इस्राएलियों में कोई उस से बढ़कर सुन्दर न था; वह इतना लम्बा था कि दूसरे लोग उसके कान्धे ही तक आते थे। (1 शमूएल 9:2)
तब गिलादी बर्जिल्लै रोगलीम से आया, और राजा के साथ यरदन पार गया, कि उसको यरदन के पार पहुंचाए। बर्जिल्लै तो वृद्ध पुरुष था, अर्थात अस्सी पर्ष की आयु का था जब तक राजा महनैम में रहता था तब तक वह उसका पालन…
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल का पुत्र ईशबोशेत चालीस वर्ष का था जब वह इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। परन्तु यहूदा का घराना दाऊद के पक्ष में रहा। (2 शमूएल 2:10)
दाऊद तीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा, और चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 शमूएल 5:4)
शाऊल के पुत्र योनातन के एक लंगड़ा बेटा था। जब यिज्रेल से शाऊल और योनातन का समाचार आया तब वह पांच वर्ष का था; उस समय उसकी धाई उसे उठा कर भागी; और उसके उतावली से भागने के कारण वह गिर के लंगड़ा हो गया। औ…
और हेब्रोन में दाऊद के पुत्र उत्पन्न हुए; उसका जेठा बेटा अम्नोन था, जो यिज्रेली अहीनोअम से उत्पन्न हुआ था; (2 शमूएल 3:2)
और उसका दूसरा किलाव था, जिसकी मां कर्मेंली नाबाल की स्त्री अबीगैल थी; तीसरा अबशालोम, जो गशूर के राजा तल्मै की बेटी माका से उत्पन्न हुआ था; (2 शमूएल 3:3)
और उसका दूसरा किलाव था, जिसकी मां कर्मेंली नाबाल की स्त्री अबीगैल थी; तीसरा अबशालोम, जो गशूर के राजा तल्मै की बेटी माका से उत्पन्न हुआ था; (2 शमूएल 3:3)
चौथा अदोनिय्याह, जो हग्गीत से उत्पन्न हुआ था; पांचवां शपत्याह, जिसकी मां अबीतल थी; (2 शमूएल 3:4)
चौथा अदोनिय्याह, जो हग्गीत से उत्पन्न हुआ था; पांचवां शपत्याह, जिसकी मां अबीतल थी; (2 शमूएल 3:4)
छठवां यित्राम, जो ऐग्ला नाम दाऊद की स्त्री से उत्पन्न हुआ। हेब्रोन में दाऊद से थे ही सन्तान उत्पन्न हुए। (2 शमूएल 3:5)
तब दाऊद ने अपनी पत्नी बतशेबा को शान्ति दी, और वह उसके पास गया; और असके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसने उसका नाम सुलैमान रखा। और वह यहोवा का प्रिय हुआ। (2 शमूएल 12:24)
और यरूशलेम में उसके ये पुत्र उत्पन्न हुए अर्थात शिमा, शोबाब, नातान और सुलैमान, ये चारों अम्मीएल की बेटी बतशू से उत्पन्न हुए। (1 इतिहास 3:5)
और यरूशलेम में उसके ये पुत्र उत्पन्न हुए अर्थात शिमा, शोबाब, नातान और सुलैमान, ये चारों अम्मीएल की बेटी बतशू से उत्पन्न हुए। (1 इतिहास 3:5)
और यरूशलेम में उसके ये पुत्र उत्पन्न हुए अर्थात शिमा, शोबाब, नातान और सुलैमान, ये चारों अम्मीएल की बेटी बतशू से उत्पन्न हुए। (1 इतिहास 3:5)
और सुलैमान का पुत्र रहूबियाम यहूदा में राज्य करने लगा। रहूबियाम इकतालीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा; और यरूशलेम जिस को यहोवा ने सारे इस्राएली गोत्रों में से अपना नाम रखने के लिये चुन लिया था, उस नगर …
जब यहोशापात राज्य करने लगा, तब वह पैंतीस वर्ष का था। और पचीस पर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अजूबा था, जो शिल्ही की बेटी थी। (1 राजा 22:42)
जब वह राजा हुआ, तब बत्तीस वर्ष का था, और आठ वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। (2 राजा 8:17)
जब अहज्याह राजा बना, तब बाईस वर्ष का था, और यरूशलेम में एक ही वर्ष राज्य किया। और उसकी माता का नाम अतल्याह था, जो इस्राएल के राजा ओम्री की पोती थी। (2 राजा 8:26)
जब वह राज्य करने लगा। तब वह पच्चीस वर्ष का था, और यरूशलेम में उनतीस वर्ष राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम यहोअद्दीन था, जो यरूशलेम की थी। (2 राजा 14:2)
तब सारी यहूदी प्रजा ने अजर्याह को ले कर, जो सोलह वर्ष का था, उसके पिता अमस्याह के स्थान पर राजा नियुक्त कर दिया। (2 राजा 14:21)
जब वह राज्य करने लगा, तब पच्चीस वर्ष का था, और यरूशलेम में सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी पाता का नाम यरूशा था जो सादोक की बेटी थी। (2 राजा 15:33)
जब आहाज राज्य करने लगा, तब वह बीस पर्ष का था, और सोलह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसने अपने मूलपुरुष दाऊद का सा काम नहीं किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में ठीक था। (2 राजा 16:2)
जब वह राज्य करने लगा तब पच्चीस वर्ष का था, और उनतीस वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अबी था, जो जकर्याह की बेटी थी। (2 राजा 18:2)
जब मनश्शे राज्य करने लगा, तब वह बारह वर्ष का था, और यरूशलेम में पचपन वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हेप्सीबा था। (2 राजा 21:1)
जब आमोन राज्य करने लगा, तब वह बाईस पर्ष का था, और यरूशलेम में दो वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम मशुल्लेमेत था जो योत्बावासी हारूम की बेटी थी। (2 राजा 21:19)
जब योशिय्याह राज्य करने लगा, तब वह आठ वर्ष का था, और यरूशलेम में एकतीस वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम यदीदा था जो बोस्कतवासी अदाया की बेटी थी। (2 राजा 22:1)
जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पच्चीस पर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम जबीदा था जो रूमावासी अदायाह की बेटी थी। (2 राजा 23:36)
जब यहोआहाज राज्य करने लगा, तब वह तेईस वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी। (2 राजा 23:31)
जब सिदकिय्याह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी। (2 राजा 24:18)
जब यहोयाकीन राज्य करने लगा, तब वह अठारह वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम नहुश्ता था, जो यरूशलेम के एलनातान की बेटी थी। (2 राजा 24:8)