सृष्टि से प्रकाशितवाक्य तक प्रमुख घटनाएँ — 572 घटनाएँ
आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। और पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी; और गहरे जल के ऊपर अन्धियारा था: तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डलाता था। तब परमेश्वर ने कहा, उजियाला हो: तो उजिय…
तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी करके उसने मनुष्यों की सृष्टि की। (उत्पत्ति 1:27) तब परमेश्वर ने जो कुछ ब…
जब आदम एक सौ तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा उसकी समानता में उस ही के स्वरूप के अनुसार एक पुत्र उत्पन्न हुआ उसका नाम शेत रखा। (उत्पत्ति 5:3)
जब शेत एक सौ पांच वर्ष का हुआ, तब उसने एनोश को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:6)
जब एनोश नब्बे वर्ष का हुआ, तब उसने केनान को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:9)
जब केनान सत्तर वर्ष का हुआ, तब उसने महललेल को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:12)
जब महललेल पैंसठ वर्ष का हुआ, तब उसने येरेद को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:15)
जब येरेद एक सौ बासठ वर्ष का हुआ, जब उसने हनोक को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:18)
जब हनोक पैंसठ वर्ष का हुआ, तब उसने मतूशेलह को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:21)
जब मतूशेलह एक सौ सत्तासी वर्ष का हुआ, तब उसने लेमेक को जन्म दिया। (उत्पत्ति 5:25)
और आदम की कुल अवस्था नौ सौ तीस वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:5)
और हनोक की कुल अवस्था तीन सौ पैंसठ वर्ष की हुई। (उत्पत्ति 5:23) और हनोक परमेश्वर के साथ साथ चलता था; फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया। (उत्पत्ति 5:24)
और शेत की कुल अवस्था नौ सौ बारह वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:8)
जब लेमेक एक सौ बयासी वर्ष का हुआ, तब उसने एक पुत्र जन्म दिया। और यह कहकर उसका नाम नूह रखा, कि यहोवा ने जो पृथ्वी को शाप दिया है, उसके विषय यह लड़का हमारे काम में, और उस कठिन परिश्रम में जो हम करते हैं…
और एनोश की कुल अवस्था नौ सौ पांच वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:11)
और केनान की कुल अवस्था नौ सौ दस वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:14)
और महललेल की कुल अवस्था आठ सौ पंचानवे वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:17)
और येरेद की कुल अवस्था नौ सौ बासठ वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया। (उत्पत्ति 5:20)
और नूह पांच सौ वर्ष का हुआ; और नूह ने शेम, और हाम और येपेत को जन्म दिया॥ (उत्पत्ति 5:32)
और लेमेक की कुल अवस्था सात सौ सतहत्तर वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:31)
जब नूह की अवस्था के छ: सौवें वर्ष के दूसरे महीने का सत्तरहवां दिन आया; उसी दिन बड़े गहिरे समुद्र के सब सोते फूट निकले और आकाश के झरोखे खुल गए। और वर्षा चालीस दिन और चालीस रात निरन्तर पृथ्वी पर होती रह…
और मतूशेलह की कुल अवस्था नौ सौ उनहत्तर वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ (उत्पत्ति 5:27)
फिर ऐसा हुआ कि छ: सौ एक वर्ष के पहिले महीने के पहिले दिन जल पृथ्वी पर से सूख गया। तब नूह ने जहाज की छत खोल कर क्या देखा कि धरती सूख गई है। (उत्पत्ति 8:13)
फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों से कहा, सुनों, मैं तुम्हारे साथ और तुम्हारे पश्चात जो तुम्हारा वंश होगा, उसके साथ भी वाचा बान्धता हूं। और सब जीवित प्राणियों से भी जो तुम्हारे संग है क्या पक्षी क्य…
शेम की वंशावली यह है। जल प्रलय के दो वर्ष पश्चात जब शेम एक सौ वर्ष का हुआ, तब उसने अर्पक्षद को जन्म दिया। (उत्पत्ति 11:10)
जब अर्पक्षद पैंतीस वर्ष का हुआ, तब उसने शेलह को जन्म दिया। (उत्पत्ति 11:12)
जब शेलह तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा एबेर को जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:14)
जब एबेर चौंतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा पेलेग का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:16)
जब पेलेग तीस वर्ष को हुआ, तब उसके द्वारा रू का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:18)
जब रू बत्तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा सरूग का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:20)
जब सरूग तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा नाहोर का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:22)
जब नाहोर उनतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा तेरह का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:24)
जब तक तेरह सत्तर वर्ष का हुआ, तब तक उसके द्वारा अब्राम, और नाहोर, और हारान उत्पन्न हुए॥ (उत्पत्ति 11:26) जब तेरह दो सौ पांच वर्ष का हुआ, तब वह हारान देश में मर गया॥ (उत्पत्ति 11:32) यहोवा के इस वचन के…
They said, “Come, let us build for ourselves a city, and a tower whose top will reach into heaven, and let us make for ourselves a name, otherwise we will be scattered abroad over the face of the whol…
जब पेलेग तीस वर्ष को हुआ, तब उसके द्वारा रू का जन्म हुआ। और रू के जन्म के पश्चात पेलेग दो सौ नौ वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई॥ (उत्पत्ति 11:18-19)
जब नाहोर उनतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा तेरह का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:24)
जलप्रलय के पश्चात नूह साढ़े तीन सौ वर्ष जीवित रहा। (उत्पत्ति 9:28)
जब तक तेरह सत्तर वर्ष का हुआ, तब तक उसके द्वारा अब्राम, और नाहोर, और हारान उत्पन्न हुए॥ (उत्पत्ति 11:26) जब तेरह दो सौ पांच वर्ष का हुआ, तब वह हारान देश में मर गया॥ (उत्पत्ति 11:32) यहोवा के इस वचन के…
तब इब्राहीम मुंह के बल गिर पड़ा और हंसा, और अपने मन ही मन कहने लगा, क्या सौ वर्ष के पुरूष के भी सन्तान होगा और क्या सारा जो नब्बे वर्ष की है पुत्र जनेगी? (उत्पत्ति 17:17)
जब रू बत्तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा सरूग का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:20)
जब सरूग तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा नाहोर का जन्म हुआ। (उत्पत्ति 11:22)
और तेरह अपना पुत्र अब्राम, और अपना पोता लूत जो हारान का पुत्र था, और अपनी बहू सारै, जो उसके पुत्र अब्राम की पत्नी थी इन सभों को ले कर कस्दियों के ऊर नगर से निकल कनान देश जाने को चला; पर हारान नाम देश …
और हारान अपने पिता के साम्हने ही, कस्दियों के ऊर नाम नगर में, जो उसकी जन्म भूमि थी, मर गया। (उत्पत्ति 11:28)
जब शालेम का राजा मेल्कीसेदेक, जो परमप्रधान ईश्वर का याजक था, रोटी और दाखमधु ले आया। (उत्पत्ति 14:18) इन बातों के पश्चात यहोवा को यह वचन दर्शन में अब्राम के पास पहुंचा, कि हे अब्राम, मत डर; तेरी ढाल और…
यहोवा के इस वचन के अनुसार अब्राम चला; और लूत भी उसके संग चला; और जब अब्राम हारान देश से निकला उस समय वह पचहत्तर वर्ष का था। (उत्पत्ति 12:4)
इन बातों के पश्चात यहोवा को यह वचन दर्शन में अब्राम के पास पहुंचा, कि हे अब्राम, मत डर; तेरी ढाल और तेरा अत्यन्त बड़ा फल मैं हूं। (उत्पत्ति 15:1) तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा, कि यह तेरा वारिस न…
निदान, प्रतिज्ञाएं इब्राहीम को, और उसके वंश को दी गईं; वह यह नहीं कहता, कि वंशों को ; जैसे बहुतों के विषय में कहा, पर जैसे एक के विषय में कि तेरे वंश को: और वह मसीह है। पर मैं यह कहता हूं की जो वाचा प…
जब तेरह दो सौ पांच वर्ष का हुआ, तब वह हारान देश में मर गया॥ (उत्पत्ति 11:32)
सो सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। सो जब अब्राम को कनान देश में रहते दस वर्ष बीत चुके तब उसकी स्त्री सारै ने अपनी मिस्री लौंडी हाजिरा को ले कर अपने पति अब्राम को दिया, कि वह उसकी पत्नी हो। (उत्पत्ति …
जब हाजिरा ने अब्राम के द्वारा इश्माएल को जन्म दिया उस समय अब्राम छियासी वर्ष का था। (उत्पत्ति 16:16)
जब अर्पक्षद पैंतीस वर्ष का हुआ, तब उसने शेलह को जन्म दिया। और शेलह के जन्म के पश्चात अर्पक्षद चार सौ तीन वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं॥ (उत्पत्ति 11:12-13)
उसने कहा मैं वसन्त ऋतु में निश्चय तेरे पास फिर आऊंगा; और तब तेरी पत्नी सारा के एक पुत्र उत्पन्न होगा। और सारा तम्बू के द्वार पर जो इब्राहीम के पीछे था सुन रही थी। (उत्पत्ति 18:10) फिर वे पुरूष वहां से…
जब अब्राम निन्नानवे वर्ष का हो गया, तब यहोवा ने उसको दर्शन देकर कहा मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर हूं; मेरी उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा। और मैं तेरे साथ वाचा बान्धूंगा, और तेरे वंश को अत्यन्त ही बढ़ाऊंग…
तब इब्राहीम ने अपने पुत्र इश्माएल को, उसके घर में जितने उत्पन्न हुए थे, और जितने उसके रुपे से मोल लिये गए थे, निदान उसके घर में जितने पुरूष थे, उन सभों को लेके उसी दिन परमेश्वर के वचन के अनुसार उनकी ख…
और बड़ी एक पुत्र जनी, और उसका नाम मोआब रखा: वह मोआब नाम जाति का जो आज तक है मूलपिता हुआ। (उत्पत्ति 19:37)
और छोटी भी एक पुत्र जनी, और उसका नाम बेनम्मी रखा; वह अम्मोन वंशियों का जो आज तक हैं मूलपिता हुआ॥ (उत्पत्ति 19:38)
और जब इब्राहीम का पुत्र इसहाक उत्पन्न हुआ तब वह एक सौ वर्ष का था। (उत्पत्ति 21:5)
तब यहोवा ने अब्राम से कहा, यह निश्चय जान कि तेरे वंश पराए देश में परदेशी हो कर रहेंगे, और उसके देश के लोगों के दास हो जाएंगे; और वे उन को चार सौ वर्ष लों दु:ख देंगे; (उत्पत्ति 15:13)
जब शेलह तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा एबेर को जन्म हुआ। और एबेर के जन्म के पश्चात शेलह चार सौ तीन वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं॥ (उत्पत्ति 11:14-15)
उसने कहा, अपने पुत्र को अर्थात अपने एकलौते पुत्र इसहाक को, जिस से तू प्रेम रखता है, संग ले कर मोरिय्याह देश में चला जा, और वहां उसको एक पहाड़ के ऊपर जो मैं तुझे बताऊंगा होमबलि करके चढ़ा। (उत्पत्ति 22:…
सारा तो एक सौ सत्ताईस बरस की अवस्था को पहुंची; और जब सारा की इतनी अवस्था हुई; (उत्पत्ति 23:1)
और इसहाक ने चालीस वर्ष का हो कर रिबका को, जो पद्दनराम के वासी, अरामी बतूएल की बेटी, और अरामी लाबान की बहिन भी, ब्याह लिया। (उत्पत्ति 25:20)
शेम की वंशावली यह है। जल प्रलय के दो वर्ष पश्चात जब शेम एक सौ वर्ष का हुआ, तब उसने अर्पक्षद को जन्म दिया। (उत्पत्ति 11:10) और अर्पक्षद ने जन्म के पश्चात शेम पांच सौ वर्ष जीवित रहा; और उसके और भी बेटे …
और पहिला जो उत्पन्न हुआ सो लाल निकला, और उसका सारा शरीर कम्बल के समान रोममय था; सो उसका नाम ऐसाव रखा गया। पीछे उसका भाई अपने हाथ से ऐसाव की एड़ी पकड़े हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। और जब…
और पहिला जो उत्पन्न हुआ सो लाल निकला, और उसका सारा शरीर कम्बल के समान रोममय था; सो उसका नाम ऐसाव रखा गया। पीछे उसका भाई अपने हाथ से ऐसाव की एड़ी पकड़े हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। और जब…
इब्राहीम की सारी अवस्था एक सौ पचहत्तर वर्ष की हुई। (उत्पत्ति 25:7)
जब एबेर चौंतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा पेलेग का जन्म हुआ। और पेलेग के जन्म के पश्चात एबेर चार सौ तीस वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं॥ (उत्पत्ति 11:16-17)
वहां यहोवा ने उसको दर्शन देकर कहा, मिस्र में मत जा; जो देश मैं तुझे बताऊं उसी में रह। तू इसी देश में रह, और मैं तेरे संग रहूंगा, और तुझे आशीष दूंगा; और ये सब देश मैं तुझ को, और तेरे वंश को दूंगा; और ज…
जब एसाव चालीस वर्ष का हुआ, तब उसने हित्ती बेरी की बेटी यहूदीत और हित्ती एलोन की बेटी बासमत से विवाह किया;
इश्माएल की सारी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई: तब उसके प्राण छूट गए, और वह अपने लोगों में जा मिला। (उत्पत्ति 25:17)
उसने कहा, तेरा भाई धूर्तता से आया, और तेरे आशीर्वाद को लेके चला गया। उसने कहा, क्या उसका नाम याकूब यथार्थ नहीं रखा गया? उसने मुझे दो बार अड़ंगा मारा, मेरा पहिलौठे का अधिकार तो उसने ले ही लिया था: और अ…
तब इसहाक ने याकूब को बुलाकर आशीर्वाद दिया, और आज्ञा दी, कि तू किसी कनानी लड़की को न ब्याह लेना। पद्दनराम में अपने नाना बतूएल के घर जा कर वहां अपने मामा लाबान की एक बेटी को ब्याह लेना। (उत्पत्ति 28:1-2…
तब ऐसाव यह सब देख के और यह भी सोच कर, कि कनानी लड़कियां मेरे पिता इसहाक को बुरी लगती हैं, इब्राहीम के पुत्र इश्माएल के पास गया, और इश्माएल की बेटी महलत को, जो नबायोत की बहिन थी, ब्याह कर अपनी पत्नियों…
सो याकूब ने राहेल के लिये सात बरस सेवा की; और वे उसको राहेल की प्रीति के कारण थोड़े ही दिनों के बराबर जान पड़े। (उत्पत्ति 29:20)
सो याकूब ने राहेल के लिये सात बरस सेवा की; और वे उसको राहेल की प्रीति के कारण थोड़े ही दिनों के बराबर जान पड़े। (उत्पत्ति 29:20)
सो लिआ: गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, कि यहोवा ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है: सो अब मेरा पति मुझ से प्रीति रखेगा। (उत्पत्ति 29:32)
फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने यह कहा कि यह सुनके, कि मैं अप्रिय हूं यहोवा ने मुझे यह भी पुत्र दिया: इसलिये उसने उसका नाम शिमोन रखा। (उत्पत्ति 29:33)
फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, अब की बार तो मेरा पति मुझ से मिल जाएगा, क्योंकि उससे मेरे तीन पुत्र उत्पन्न हुए: इसलिये उसका नाम लेवी रखा गया। (उत्पत्ति 29:34)
और फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक और पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, अब की बार तो मैं यहोवा का धन्यवाद करूंगी, इसलिये उसने उसका नाम यहूदा रखा; तब उसकी कोख बन्द हो गई॥ (उत्पत्ति 29:35)
और राहेल ने कहा, परमेश्वर ने मेरा न्याय चुकाया और मेरी सुन कर मुझे एक पुत्र दिया: इसलिये उसने उसका नाम दान रखा। (उत्पत्ति 30:6)
और राहेल की लौंडी बिल्हा फिर गर्भवती हुई और याकूब से एक पुत्र और उत्पन्न हुआ। तब राहेल ने कहा, मैं ने अपनी बहिन के साथ बड़े बल से लिपट कर मल्लयुद्ध किया और अब जीत गई: सो उसने उसका नाम नप्ताली रखा। (उत…
जब लिआ: ने देखा कि मैं जनने से रहित हो गई हूं, तब उसने अपनी लौंडी जिल्पा को ले कर याकूब की पत्नी होने के लिये दे दिया। और लिआ: की लौंडी जिल्पा के भी याकूब से एक पुत्र उत्पन्न हुआ। तब लिआ: ने कहा, अहो …
फिर लिआ: की लौंडी जिल्पा के याकूब से एक और पुत्र उत्पन्न हुआ। तब लिआ: ने कहा, मैं धन्य हूं; निश्चय स्त्रियां मुझे धन्य कहेंगी: सो उसने उसका नाम आशेर रखा। (उत्पत्ति 30:12-13)
तब लिआ: ने कहा, में ने जो अपने पति को अपनी लौंडी दी, इसलिये परमेश्वर ने मुझे मेरी मजूरी दी है: सो उसने उसका नाम इस्साकार रखा। (उत्पत्ति 30:18)
और लिआ: फिर गर्भवती हुई और याकूब से उसके छठवां पुत्र उत्पन्न हुआ। तब लिआ: ने कहा, परमेश्वर ने मुझे अच्छा दान दिया है; अब की बार मेरा पति मेरे संग बना रहेगा, क्योंकि मेरे उससे छ: पुत्र उत्पन्न चुके हैं…
तत्पश्चात् उसके एक बेटी भी हुई, और उसने उसका नाम दीना रखा। (उत्पत्ति 30:21)
सो उसने यह कह कर उसका नाम यूसुफ रखा, कि परमेश्वर मुझे एक पुत्र और भी देगा। (उत्पत्ति 30:24)
बीस वर्ष तक मैं तेरे घर में रहो; चौदह वर्ष तो मैं ने तेरी दोनो बेटियों के लिये, और छ: वर्ष तेरी भेड़-बकरियों के लिये सेवा की: और तू ने मेरी मजदूरी को दस बार बदल डाला। (उत्पत्ति 31:41)
और याकूब आप अकेला रह गया; तब कोई पुरूष आकर पह फटने तक उससे मल्लयुद्ध करता रहा। जब उसने देखा, कि मैं याकूब पर प्रबल नहीं होता, तब उसकी जांघ की नस को छूआ; सो याकूब की जांघ की नस उससे मल्लयुद्ध करते ही क…
और रिबका की दूध पिलानेहारी धाय दबोरा मर गई, और बेतेल के नीचे सिन्दूर वृक्ष के तले उसको मिट्टी दी गई, और उस सिन्दूर वृक्ष का नाम अल्लोनबक्कूत रखा गया॥ (उत्पत्ति 35:8)
तब ऐसा हुआ, कि वह मर गई, और प्राण निकलते निकलते उसने उस बेटे को नाम बेनोनी रखा: पर उसके पिता ने उसका नाम बिन्यामीन रखा। यों राहेल मर गई, और एप्राता, अर्थात बेतलेहेम के मार्ग में, उसको मिट्टी दी गई। (उ…
तब ऐसा हुआ, कि वह मर गई, और प्राण निकलते निकलते उसने उस बेटे को नाम बेनोनी रखा: पर उसके पिता ने उसका नाम बिन्यामीन रखा। यों राहेल मर गई, और एप्राता, अर्थात बेतलेहेम के मार्ग में, उसको मिट्टी दी गई। (उ…
और याकूब के वंश का वृत्तान्त यह है: कि यूसुफ सतरह वर्ष का हो कर भाइयों के संग भेड़-बकरियों को चराता था; और वह लड़का अपने पिता की पत्नी बिल्हा, और जिल्पा के पुत्रों के संग रहा करता था: और उनकी बुराईयों…
इसहाक की अवस्था एक सौ अस्सी बरस की हुई। (उत्पत्ति 35:28)
सुकाल के सातों वर्षोंमें भूमि बहुतायत से अन्न उपजाती रही। (उत्पत्ति 41:47)
फिर फिरौन ने यूसुफ से कहा, परमेश्वर ने जो तुझे इतना ज्ञान दिया है, कि तेरे तुल्य कोई समझदार और बुद्धिमान् नहीं; इस कारण तू मेरे घर का अधिकारी होगा, और तेरी आज्ञा के अनुसार मेरी सारी प्रजा चलेगी, केवल …
अकाल के प्रथम वर्ष के आने से पहिले यूसुफ के दो पुत्र, ओन के याजक पोतीपेरा की बेटी आसनत से जन्मे। (उत्पत्ति 41:50) और यूसुफ ने अपने जेठे का नाम यह कहके मनश्शे रखा, कि परमेश्वर ने मुझ से सारा क्लेश, और …
अकाल के प्रथम वर्ष के आने से पहिले यूसुफ के दो पुत्र, ओन के याजक पोतीपेरा की बेटी आसनत से जन्मे। (उत्पत्ति 41:50) और दूसरे का नाम उसने यह कहकर एप्रैम रखा, कि मुझे दु:ख भोगने के देश में परमेश्वर ने फुल…
और मिस्र देश के सुकाल के वे सात वर्ष समाप्त हो गए। और यूसुफ के कहने के अनुसार सात वर्षों के लिये अकाल आरम्भ हो गया। और सब देशों में अकाल पड़ने लगा; परन्तु सारे मिस्र देश में अन्न था। (उत्पत्ति 41:53-5…
और मिस्र देश के सुकाल के वे सात वर्ष समाप्त हो गए। और यूसुफ के कहने के अनुसार सात वर्षों के लिये अकाल आरम्भ हो गया। और सब देशों में अकाल पड़ने लगा; परन्तु सारे मिस्र देश में अन्न था। (उत्पत्ति 41:53-5…
Now these are the names of the sons of Israel, Jacob and his sons, who went to Egypt: Reuben, Jacob's firstborn... The sons of Levi: Gershon, Kohath, and Merari. (GEN 46:8, 11)
और वे अपनी भेड़-बकरी, गाय-बैल, और कनान देश में अपने इकट्ठा किए हुए सारे धन को ले कर मिस्र में आए। (उत्पत्ति 46:6) याकूब ने फिरौन से कहा, मैं तो एक सौ तीस वर्ष परदेशी हो कर अपना जीवन बीता चुका हूं; मेर…
मिस्र में सात वर्ष का अकाल समाप्त हुआ
और कहात के पुत्र: अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल थे, और कहात की पूरी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई। (निर्गमन 6:18)
मिस्र देश में याकूब सतरह वर्ष जीवित रहा: इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई। (उत्पत्ति 47:28)
निदान यूसुफ एक सौ दस वर्ष का हो कर मर गया: और उसकी लोथ में सुगन्धद्रव्य भरे गए, और वह लोथ मिस्र में एक सन्दूक में रखी गई॥ (उत्पत्ति 50:26)
और लेवी के पुत्र जिन से उनकी वंशावली चली है, उनके नाम ये हैं: अर्थात गेर्शोन, कहात और मरारी, और लेवी को पूरी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई। (निर्गमन 6:16)
और जब मूसा और हारून फिरौन से बात करने लगे तब मूसा तो अस्सी वर्ष का था, और हारून तिरासी वर्ष का था॥ (निर्गमन 7:7)
और कहात के पुत्र: अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल थे, और कहात की पूरी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई। (निर्गमन 6:18)
जब बालक कुछ बड़ा हुआ तब वह उसे फिरौन की बेटी के पास ले गई, और वह उसका बेटा ठहरा; और उसने यह कहकर उसका नाम मूसा रखा, कि मैं ने इस को जल से निकाल लिया॥ (निर्गमन 2:10)
अम्राम ने अपने पिता की बहन योकेबेद से विवाह किया, और उसने उसके लिए हारून और मूसा को जन्म दिया; और अम्राम की आयु एक सौ सैंतीस वर्ष थी। (निर्गमन 6:20)
मूसा के उत्तराधिकारी यहोशू का जन्म।
जब वह चालीस वर्ष का हुआ, तो उसके मन में आया कि मैं अपने इस्त्राएली भाइयों से भेंट करूं। और उस ने एक व्यक्ति पर अन्याय होने देखकर, उसे बचाया, और मिसरी को मारकर सताए हुए का पलटा लिया। (प्रेरितों के काम …
जब यहोवा के दास मूसा ने मुझे इस देश का भेद लेने के लिये कादेशबर्ने से भेजा था तब मैं चालीस वर्ष का था; और मैं सच्चे मन से उसके पास सन्देश ले आया। (यहोशू 14:7)
तब यहोवा ने अब्राम से कहा, यह निश्चय जान कि तेरे वंश पराए देश में परदेशी हो कर रहेंगे, और उसके देश के लोगों के दास हो जाएंगे; और वे उन को चार सौ वर्ष लों दु:ख देंगे; (उत्पत्ति 15:13)
मिस्र में बसे हुए इस्राएलियों को चार सौ तीस वर्ष बीत गए थे। और उन चार सौ तीस वर्षों के बीतने पर, ठीक उसी दिन, यहोवा की सारी सेना मिस्र देश से निकल गई। (निर्गमन 12:40-41)
इस्राएली जब तक बसे हुए देश में न पहुंचे तब तक, अर्थात चालीस वर्ष तक मन्ना को खाते रहे; वे जब तक कनान देश के सिवाने पर नहीं पहुंचे तब तक मन्ना को खाते रहे। (निर्गमन 16:35) और जब तक तुम्हारी लोथें जंगल …
इस्राएलियों के मिस्र देश से निकलने के चार सौ अस्सीवें वर्ष के बाद जो सुलैमान के इस्राएल पर राज्य करने का चौथा वर्ष था, उसके जीव नाम दूसरे महीने में वह यहोवा का भवन बनाने लगा। (1 राजा 6:1)
इसलिये अब यदि तुम निश्चय मेरी मानोगे, और मेरी वाचा का पालन करोगे, तो सब लोगों में से तुम ही मेरा निज धन ठहरोगे; समस्त पृथ्वी तो मेरी है। और तुम मेरी दृष्टि में याजकों का राज्य और पवित्र जाति ठहरोगे। ज…
निदान, प्रतिज्ञाएं इब्राहीम को, और उसके वंश को दी गईं; वह यह नहीं कहता, कि वंशों को ; जैसे बहुतों के विषय में कहा, पर जैसे एक के विषय में कि तेरे वंश को: और वह मसीह है। पर मैं यह कहता हूं की जो वाचा प…
तब मूसा, हारून, नादाब, अबीहू और इस्त्राएलियों के सत्तर पुरनिए ऊपर गए, और इस्त्राएल के परमेश्वर का दर्शन किया; और उसके चरणों के तले नीलमणि का चबूतरा सा कुछ था, जो आकाश के तुल्य ही स्वच्छ था। और उसने इस…
तब मूसा ने बसलेल और ओहोलीआब और सब बुद्धिमानों को जिनके हृदय में यहोवा ने बुद्धि का प्रकाश दिया था, अर्थात जिस जिस को पास आकर काम करने का उत्साह हुआ था उन सभों को बुलवाया। (निर्गमन 36:2)
और दूसरे बरस के पहिले महीने के पहिले दिन को निवास खड़ा किया गया। (निर्गमन 40:17)
और दूसरे वर्ष के दूसरे महीने के बीसवें दिन को बादल साक्षी के निवास पर से उठ गया, तब इस्त्राएली सीनै के जंगल में से निकलकर प्रस्थान करके निकले; और बादल पारान नाम जंगल में ठहर गया। (गिनती 10:11-12)
कनान देश जिसे मैं इस्त्राएलियों को देता हूं उसका भेद लेने के लिये पुरूषों को भेज; वे उनके पितरों के प्रति गोत्र का एक प्रधान पुरूष हों। (गिनती 13:2)
मूसा ने सारे इस्राएलियों को बुलवाकर कहा, हे इस्राएलियों, जो जो विधि और नियम मैं आज तुम्हें सुनाता हूं वे सुनो, इसलिये कि उन्हें सीखकर मानने में चौकसी करो। (व्यवस्थाविवरण 5:1)
इस्त्राएलियों से जिस वाचा के बान्धने की आज्ञा यहोवा ने मूसा को मोआब के देश में दी उसके ये ही वचन हैं, और जो वाचा उसने उन से होरेब पहाड़ पर बान्धी थी यह उस से अलग है। (व्यवस्थाविवरण 29:1)
तब नून के पुत्र यहोशू ने दो भेदियों को शित्तीम से चुपके से भेज दिया, और उन से कहा, जा कर उस देश और यरीहो को देखो। तुरन्त वे चल दिए, और राहाब नाम किसी वेश्या के घर में जा कर सो गए। (यहोशू 2:1)
यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा, मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को…
यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा, मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को…
जब कि इस्राएल हेश्बोन और उसके गावों में, और अरोएल और उसके गावों में, और अर्नोन के किनारे के सब नगरों में तीन सौ वर्ष से बसा है, तो इतने दिनों में तुम लोगों ने उसको क्यों नहीं छुड़ा लिया? (न्यायियों 11…
पहिले महिने के दसवें दिन को प्रजा के लोगों ने यरदन में से निकलकर यरीहो के पूर्वी सिवाने पर गिलगाल में अपने डेरे डाले। (यहोशू 4:19)
तब लोगों ने जयजयकार किया, और याजक नरसिंगे फूंकते रहे। और जब लोगों ने नरसिंगे का शब्द सुना तो फिर बड़ी ही ध्वनि से उन्होंने जयजयकार किया, तब शहरपनाह नेव से गिर पड़ी, और लोग अपने अपने साम्हने से उस नगर …
तब लोगों ने जयजयकार किया, और याजक नरसिंगे फूंकते रहे। और जब लोगों ने नरसिंगे का शब्द सुना तो फिर बड़ी ही ध्वनि से उन्होंने जयजयकार किया, तब शहरपनाह नेव से गिर पड़ी, और लोग अपने अपने साम्हने से उस नगर …
तब उन्होंने नगर को, और जो कुछ उस में था, सब को आग लगाकर फूंक दिया; केवल चांदी, सोना, और जो पात्र पीतल और लोहे के थे, उन को उन्होंने यहोवा के भवन के भण्डार में रख दिया। (यहोशू 6:24)
और नून का पुत्र यहोशू बुद्धिमानी की आत्मा से परिपूर्ण था, क्योंकि मूसा ने अपने हाथ उस पर रखे थे; और इस्राएली उस आज्ञा के अनुसार जो यहोवा ने मूसा को दी थी उसकी मानते रहे। (व्यवस्थाविवरण 34:9)
चालीसवें वर्ष के ग्यारहवें महीने के पहिले दिन को जो कुछ यहोवा ने मूसा को इस्त्राएलियों से कहने की आज्ञा दी थी, उसके अनुसार मूसा उन से ये बातें कहने लगा। (व्यवस्थाविवरण 1:3)
मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आंखें धुंधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था। (व्यवस्थाविवरण 34:7)
और जब हारून होर पर्वत पर मर गया तब वह एक सौ तेईस वर्ष का था। (गिनती 33:39)
इस कारण हेब्रोन कनजी यपुन्ने के पुत्र कालेब का भाग आज तक बना है, क्योंकि वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का पूरी रीति से अनुगामी था। पहिले समय में तो हेब्रोन का नाम किर्यतर्बा था; वह अर्बा अनाकियों में स…
और अब देख, जब से यहोवा ने मूसा से यह वचन कहा था तब से पैतालीस वर्ष हो चुके हैं, जिन में इस्राएली जंगल में घूमते फिरते रहे; उन में यहोवा ने अपने कहने के अनुसार मुझे जीवित रखा है; और अब मैं पचासी वर्ष क…
फिर इस्राएलियों को सारी मण्डली ने शीलो में इकट्ठी हो कर वहां मिलापवाले तम्बू को खड़ा किया; क्योंकि देश उनके वश में आ गया था। (यहोशू 18:1)
जो जो भाग एलीआजर याजक, और नून के पुत्र यहोशू, और इस्राएलियों के गोत्रों के घरानों के पूर्वजों के मुख्य मुख्य पुरूषों ने शीलो में, मिलापवाले तम्बू के द्वार पर, यहोवा के साम्हने चिट्ठी डाल डालके बांट दि…
भूमि के विश्राम और जयंती की गिनती शुरू करने का वर्ष इस्राएल द्वारा भूमि पर विजय (7 वर्ष) और उसके विभाजन (7 वर्ष) के बाद शुरू होता है।
यपुन्ने का पुत्र कालेब मरता है।
So they forsook the LORD and served Baal and the Ashtaroth. The anger of the LORD burned against Israel, and He gave them into the hands of plunderers who plundered them; and He sold them into the ha…
इन बातों के बाद यहोवा का दास, नून का पुत्र यहोशू, एक सौ दस वर्ष का हो कर मर गया। (यहोशू 24:29)
इन बातों के बाद यहोवा का दास, नून का पुत्र यहोशू, एक सौ दस वर्ष का हो कर मर गया। (यहोशू 24:29)
इस प्रकार इस्राएलियों ने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, और अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर बाल नाम देवताओं और अशेरा नाम देवियों की उपासना करने लग गए। तब यहोवा का क्रोध इस्राएलियों पर भड़का, और उसने उन को…
तौभी यहोवा उनके लिये न्यायी ठहराता था जो उन्हें लूटने वाले के हाथ से छुड़ाते थे। (न्यायियों 2:16)
इस प्रकार इस्राएलियों ने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, और अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर बाल नाम देवताओं और अशेरा नाम देवियों की उपासना करने लग गए। तब यहोवा का क्रोध इस्राएलियों पर भड़का, और उसने उन को…
वह समय शुरू हुआ जब इस्राएल पर न्यायियों का शासन था।
तब इस्राएलियों ने यहोवा की दोहाई दी, और उसने इस्राएलियों के लिये कालेब के छोटे भाई ओत्नीएल नाम एक कनजी छुड़ाने वाले को ठहराया, और उसने उन को छुड़ाया। (न्यायियों 3:9)
जयंती #1
तब चालीस वर्ष तक देश में शान्ति बनी रही। और उन्हीं दिनों में कन्जी ओत्नीएल मर गया॥ (न्यायियों 3:11)
तब चालीस वर्ष तक देश में शान्ति बनी रही। और उन्हीं दिनों में कन्जी ओत्नीएल मर गया॥ (न्यायियों 3:11)
तब इस्राएलियों ने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया; और यहोवा ने मोआब के राजा एग्लोन को इस्राएल पर प्रबल किया, क्योंकि उन्होंने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया था। इसलिये उसने अम्मोनियों और अमालेकियों क…
जब एहूद मर गया तब इस्राएलियों ने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया। इसलिये यहोवा ने उन को हासोर में विराजने वाले कनान के राजा याबीन के आधीन में कर दिया, जिसका सेनापति सीसरा था, जो अन्यजातियों की हरोशे…
तब इस्राएलियों ने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया; और यहोवा ने मोआब के राजा एग्लोन को इस्राएल पर प्रबल किया, क्योंकि उन्होंने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया था। इसलिये उसने अम्मोनियों और अमालेकियों क…
फिर इस्राएलियों ने यहोवा की दोहाई दी, और उसने गेरा के पुत्र एहूद नाम एक बिन्यामीनी को उनका छुड़ाने वाला ठहराया; वह बैंहत्था था। इस्राएलियों ने उसी के हाथ से मोआब के राजा एग्लोन के पास कुछ भेंट भेजी। (…
जयंती #2
जयंती #3
इस प्रकार उस समय मोआब इस्राएल के हाथ के तले दब गया। तब अस्सी वर्ष तक देश में शान्ति बनी रही॥ (न्यायियों 3:30)
उसके बाद अनात का पुत्र शमगर हुआ, उसने छ: सौ पलिश्ती पुरूषों को बैल के पैने से मार डाला; इस कारण वह भी इस्राएल का छुड़ाने वाला हुआ॥ (न्यायियों 3:31)
उसके बाद अनात का पुत्र शमगर हुआ, उसने छ: सौ पलिश्ती पुरूषों को बैल के पैने से मार डाला; इस कारण वह भी इस्राएल का छुड़ाने वाला हुआ॥ (न्यायियों 3:31)
उस समय लप्पीदोत की स्त्री दबोरा जो नबिया थी इस्राएलियों का न्याय करती थी। (न्यायियों 4:4)
जब एहूद मर गया तब इस्राएलियों ने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया। इसलिये यहोवा ने उन को हासोर में विराजने वाले कनान के राजा याबीन के आधीन में कर दिया, जिसका सेनापति सीसरा था, जो अन्यजातियों की हरोशे…
जयंती #4
और देश चालीस वर्ष तक शांत रहा। न्या 5:31ब
तब इस्राएलियों ने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, इसलिये यहोवा ने उन्हें मिद्यानियों के वश में सात वर्ष कर रखा। (न्यायियों 6:1)
इस प्रकार मिद्यान इस्रालियों से दब गया, और फिर सिर न उठाया। और गिदोन के जीवन भर अर्थात चालीस वर्ष तक देश चैन से रहा। (न्यायियों 8:28)
तब इस्राएलियों ने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, इसलिये यहोवा ने उन्हें मिद्यानियों के वश में सात वर्ष कर रखा। (न्यायियों 6:1)
जयंती #5
एली तो अट्ठानवे वर्ष का था, और उसकी आंखें धुन्धली पड़ गई थीं, और उसे कुछ सूझता न था। (1 शमूएल 4:15)
इस प्रकार मिद्यान इस्रालियों से दब गया, और फिर सिर न उठाया। और गिदोन के जीवन भर अर्थात चालीस वर्ष तक देश चैन से रहा। (न्यायियों 8:28)
और अबीमेलेक इस्राएल के ऊपर तीन वर्ष हाकिम रहा। (न्यायियों 9:22)
और अबीमेलेक इस्राएल के ऊपर तीन वर्ष हाकिम रहा। (न्यायियों 9:22)
अबीमेलेक के बाद इस्राएल के छुड़ाने के लिथे तोला नाम एक इस्साकारी उठा, वह दोदो का पोता और पूआ का पुत्र या; और एप्रैम के पहाड़ी देश के शामीर नगर में रहता या। वह तेईस वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। त…
अबीमेलेक के बाद इस्राएल के छुड़ाने के लिथे तोला नाम एक इस्साकारी उठा, वह दोदो का पोता और पूआ का पुत्र या; और एप्रैम के पहाड़ी देश के शामीर नगर में रहता या। वह तेईस वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। त…
तब यिप्तह गिलाद के वृद्ध लोगों के संग चला, और लोगों ने उसको अपने ऊपर मुखिया और प्रधान ठहराया; और यिप्तह ने अपनी सब बातें मिस्पा में यहोवा के सम्मुख कह सुनाईं॥ (न्यायियों 11:11)
जब कि इस्राएल हेश्बोन और उसके गावों में, और अरोएल और उसके गावों में, और अर्नोन के किनारे के सब नगरों में तीन सौ वर्ष से बसा है, तो इतने दिनों में तुम लोगों ने उसको क्यों नहीं छुड़ा लिया? (न्यायियों 11…
तब इस्राएलियोंने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, अर्यात् बाल देवताओं और अश्तोरेत देवियोंऔर आराम, सीदोन, मोआब, अम्मोनियों, और पलिश्तियोंके देवताओं की उपासना करने लगे; और यहोवा को त्याग दिया, और उसक…
यिप्तह छ: वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। तब यिप्तह गिलादी मर गया, और उसको गिलाद के किसी नगर में मिट्टी दी गई॥ (न्यायियों 12:7)
उसके बाद बेतलेहेम का निवासी इबसान इस्राएल का न्याय करने लगा। और उसके तीस बेटे हुए; और उसने अपनी तीस बेटियां बाहर ब्याह दीं, और बाहर से अपने बेटों का ब्याह करके तीस बहू ले आया। और वह इस्राएल का न्याय स…
अबीमेलेक के बाद इस्राएल के छुड़ाने के लिथे तोला नाम एक इस्साकारी उठा, वह दोदो का पोता और पूआ का पुत्र या; और एप्रैम के पहाड़ी देश के शामीर नगर में रहता या। वह तेईस वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। त…
उसके बाद बेतलेहेम का निवासी इबसान इस्राएल का न्याय करने लगा। और उसके तीस बेटे हुए; और उसने अपनी तीस बेटियां बाहर ब्याह दीं, और बाहर से अपने बेटों का ब्याह करके तीस बहू ले आया। और वह इस्राएल का न्याय स…
उसके बाद जबूलूनी एलोन इस्राएल का न्याय करने लगा; और वह इस्राएल का न्याय दस वर्ष तक करता रहा। (न्यायियों 12:11)
जयंती #6
अबीमेलेक के बाद इस्राएल के छुड़ाने के लिथे तोला नाम एक इस्साकारी उठा, वह दोदो का पोता और पूआ का पुत्र या; और एप्रैम के पहाड़ी देश के शामीर नगर में रहता या। वह तेईस वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। त…
और उस वर्ष थे इस्राएलियोंको सताते और पीसते रहे। वरन यरदन पार एमोरियोंके देश गिलाद में रहनेवाले सब इस्राएलियोंपर अठारह वर्ष तक अन्धेर करते रहे। (न्यायियों 10:8)
उसके बाद जबूलूनी एलोन इस्राएल का न्याय करने लगा; और वह इस्राएल का न्याय दस वर्ष तक करता रहा। (न्यायियों 12:11)
उसके बाद हिल्लेल का पुत्र पिरातोनी अब्दोन इस्राएल का न्याय करने लगा। और उसके चालीस बेटे और तीस पोते हुए, जो गदहियों के सत्तर बच्चों पर सवार हुआ करते थे। वह आठ वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। (न्याय…
उसके बाद हिल्लेल का पुत्र पिरातोनी अब्दोन इस्राएल का न्याय करने लगा। और उसके चालीस बेटे और तीस पोते हुए, जो गदहियों के सत्तर बच्चों पर सवार हुआ करते थे। वह आठ वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। (न्याय…
शिमशोन तो पलिश्तियों के दिनों में बीस वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा॥ (न्यायियों 15:20)
उसके शाऊल नाम एक जवान पुत्र था, जो सुन्दर था, और इस्राएलियों में कोई उस से बढ़कर सुन्दर न था; वह इतना लम्बा था कि दूसरे लोग उसके कान्धे ही तक आते थे। (1 शमूएल 9:2)
ज्योंही उसने परमेश्वर के सन्दूक का नाम लिया त्योंही एली फाटक के पास कुर्सी पर से पछाड़ खाकर गिर पड़ा; और बूढ़े और भारी होने के कारण उसकी गर्दन टूट गई, और वह मर गया। उसने तो इस्राएलियों का न्याय चालीस …
और इस्राएलियों ने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया; इसलिये यहोवा ने उन को पलिश्तियों के वश में चालीस वर्ष के लिये रखा॥ (न्यायियों 13:1)
तब गिलादी बर्जिल्लै रोगलीम से आया, और राजा के साथ यरदन पार गया, कि उसको यरदन के पार पहुंचाए। बर्जिल्लै तो वृद्ध पुरुष था, अर्थात अस्सी पर्ष की आयु का था जब तक राजा महनैम में रहता था तब तक वह उसका पालन…
शिमशोन तो पलिश्तियों के दिनों में बीस वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा॥ (न्यायियों 15:20)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल के पुत्र योनातान, यिशबी, और मलकीश थे; और उसकी दो बेटियों के नाम ये थे, बड़ी का नाम तो मेरब और छोटी का नाम मीकल था। (1 शमूएल 14:49)
शाऊल का पुत्र ईशबोशेत चालीस वर्ष का था जब वह इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। परन्तु यहूदा का घराना दाऊद के पक्ष में रहा। (2 शमूएल 2:10)
तब वे मिस्पा में इकट्ठे हुए, और जल भरके यहोवा के साम्हने उंडेल दिया, और उस दिन उपवास किया, और वहां कहने लगे, कि हम ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है। और शमूएल ने मिस्पा में इस्राएलियों का न्याय किया। (1…
जयंती #7
दाऊद तीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा, और चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 शमूएल 5:4)
ज्योंही उसने परमेश्वर के सन्दूक का नाम लिया त्योंही एली फाटक के पास कुर्सी पर से पछाड़ खाकर गिर पड़ा; और बूढ़े और भारी होने के कारण उसकी गर्दन टूट गई, और वह मर गया। उसने तो इस्राएलियों का न्याय चालीस …
तब पलिश्ती लड़ाई के मैदान में टूट पड़े, और इस्राएली हार कर अपने अपने डेरे को भागने लगे; और ऐसा अत्यन्त संहार हुआ, कि तीस हजार इस्राएली पैदल खेत आए। और परमेश्वर का सन्दूक छीन लिया गया; और एली के दोनों …
तब पलिश्ती लड़ाई के मैदान में टूट पड़े, और इस्राएली हार कर अपने अपने डेरे को भागने लगे; और ऐसा अत्यन्त संहार हुआ, कि तीस हजार इस्राएली पैदल खेत आए। और परमेश्वर का सन्दूक छीन लिया गया; और एली के दोनों …
ज्योंही उसने परमेश्वर के सन्दूक का नाम लिया त्योंही एली फाटक के पास कुर्सी पर से पछाड़ खाकर गिर पड़ा; और बूढ़े और भारी होने के कारण उसकी गर्दन टूट गई, और वह मर गया। उसने तो इस्राएलियों का न्याय चालीस …
यहोवा का सन्दूक पलिश्तियों के देश में सात महीने तक रहा। (1 शमूएल 6:1)
और इस्राएलियों ने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया; इसलिये यहोवा ने उन को पलिश्तियों के वश में चालीस वर्ष के लिये रखा॥ (न्यायियों 13:1)
तब बेतशेमेश के लोग कहने लगे, इस पवित्र परमेश्वर यहोवा के साम्हने कौन खड़ा रह सकता है? और वह हमारे पास से किस के पास चला जाए? तब उन्होंने किर्यत्यारीम के निवासियों के पास यों कहने को दूत भेजे, कि पलिश्…
तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जा कर उस पलिश्ती से लड़ेगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, …
तब किर्यत्यारीम के लोगों ने जा कर यहोवा के सन्दूक को उठाया, और अबीनादाब के घर में जो टीले पर बना था रखा, और यहोवा के सन्दूक की रक्षा करने के लिये अबीनादाब के पुत्र एलीआजार को पवित्र किया॥ (1 शमूएल 7:1…
शाऊल तीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा, और उसने इस्राएलियों पर दो वर्ष तक राज्य किया। (1 शमूएल 13:1)
शाऊल के पुत्र योनातन के एक लंगड़ा बेटा था। जब यिज्रेल से शाऊल और योनातन का समाचार आया तब वह पांच वर्ष का था; उस समय उसकी धाई उसे उठा कर भागी; और उसके उतावली से भागने के कारण वह गिर के लंगड़ा हो गया। औ…
और शमूएल मर गया; और समस्त इस्राएलियों ने इकट्ठे हो कर उसके लिये छाती पीटी, और उसके घर ही में जो रामा में था उसको मिट्टी दी। तब दाऊद उठ कर पारान जंगल को चला गया॥ (1 शमूएल 25:1)
तब शाऊल ने अपने हथियार ढोने वाले से कहा, अपनी तलवार खींच कर मुझे भोंक दे, ऐसा न हो कि वे खतनारहित लोग आकर मुझे भोंक दें, और मेरी ठट्टा करें। परन्तु उसके हथियार ढोने वाले ने अत्यन्त भय खाकर ऐसा करने से…
तब शाऊल ने अपने हथियार ढोने वाले से कहा, अपनी तलवार खींच कर मुझे भोंक दे, ऐसा न हो कि वे खतनारहित लोग आकर मुझे भोंक दें, और मेरी ठट्टा करें। परन्तु उसके हथियार ढोने वाले ने अत्यन्त भय खाकर ऐसा करने से…
दाऊद तीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा, और चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 शमूएल 5:4)
साढ़े सात वर्ष तक तो उसने हेब्रोन में यहूदा पर राज्य किया, और तैंतीस वर्ष तक यरूशलेम में समस्त इस्राएल और यहूदा पर राज्य किया। (2 शमूएल 5:5)
यह देखकर कि इस्राएली पुरुष भाग गए, और शाऊल और उसके पुत्र मर गए, उस तराई की परली ओर वाले और यरदन के पार रहने वाले भी इस्राएली मनुष्य अपने अपने नगरों को छोड़कर भाग गए; और पलिश्ती आकर उन में रहने लगे। (1…
और हेब्रोन में दाऊद के पुत्र उत्पन्न हुए; उसका जेठा बेटा अम्नोन था, जो यिज्रेली अहीनोअम से उत्पन्न हुआ था; (2 शमूएल 3:2)
और उसका दूसरा किलाव था, जिसकी मां कर्मेंली नाबाल की स्त्री अबीगैल थी; तीसरा अबशालोम, जो गशूर के राजा तल्मै की बेटी माका से उत्पन्न हुआ था; (2 शमूएल 3:3)
और उसका दूसरा किलाव था, जिसकी मां कर्मेंली नाबाल की स्त्री अबीगैल थी; तीसरा अबशालोम, जो गशूर के राजा तल्मै की बेटी माका से उत्पन्न हुआ था; (2 शमूएल 3:3)
चौथा अदोनिय्याह, जो हग्गीत से उत्पन्न हुआ था; पांचवां शपत्याह, जिसकी मां अबीतल थी; (2 शमूएल 3:4)
चौथा अदोनिय्याह, जो हग्गीत से उत्पन्न हुआ था; पांचवां शपत्याह, जिसकी मां अबीतल थी; (2 शमूएल 3:4)
शाऊल का पुत्र ईशबोशेत चालीस वर्ष का था जब वह इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। परन्तु यहूदा का घराना दाऊद के पक्ष में रहा। (2 शमूएल 2:10)
छठवां यित्राम, जो ऐग्ला नाम दाऊद की स्त्री से उत्पन्न हुआ। हेब्रोन में दाऊद से थे ही सन्तान उत्पन्न हुए। (2 शमूएल 3:5)
तब यहोवा का कोप उज्जा पर भड़क उठा; और परमेश्वर ने उसके दोष के कारण उसको वहां ऐसा मारा, कि वह वहां परमेश्वर के सन्दूक के पास मर गया। (2 शमूएल 6:7)
साढ़े सात वर्ष तक तो उसने हेब्रोन में यहूदा पर राज्य किया, और तैंतीस वर्ष तक यरूशलेम में समस्त इस्राएल और यहूदा पर राज्य किया। (2 शमूएल 5:5)
साढ़े सात वर्ष तक तो उसने हेब्रोन में यहूदा पर राज्य किया, और तैंतीस वर्ष तक यरूशलेम में समस्त इस्राएल और यहूदा पर राज्य किया। (2 शमूएल 5:5)
किर्यत्यारीम में रहते रहते सन्दूक को बहुत दिन हुए, अर्थात बीस वर्ष बीत गए, और इस्राएल का सारा घराना विलाप करता हुआ यहोवा के पीछे चलने लगा। (1 शमूएल 7:2)
क्या मेरा घराना ईश्वर की दृष्टि में ऐसा नहीं है? उसने तो मेरे साथ सदा की एक ऐसी वाचा बान्धी है, जो सब बातों में ठीक की हुई और अटल भी है। क्योंकि चाहे वह उसको प्रगट न करे, तौभी मेरा पूर्ण उद्धार और पूर…
शाऊल का पुत्र ईशबोशेत चालीस वर्ष का था जब वह इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। परन्तु यहूदा का घराना दाऊद के पक्ष में रहा। (2 शमूएल 2:10)
और अबशालोम ने अम्नोन से भला-बुरा कुछ न कहा, क्योंकि अम्नोन ने उसकी बहिन तामार को भ्रष्ट किया था, इस कारण अबशालोम उस से घृणा रखता था। दो वर्ष के बाद अबशालोम ने एप्रैम के निकट के बाल्हासोर में अपनी भेड़…
जयंती #8
अबशालोम तो भागकर गशूर के राजा अम्मीहूर के पुत्र तल्मै के पास गया। और दाऊद अपने पुत्र के लिये दिन दिन विलाप करता रहा। जब अबशालोम भागकर गशूर को गया, तब वहां तीन वर्ष तक रहा। (2 शमूएल 13:37-38)
और अबशालोम ने अपने सेवकों को आज्ञा दी, कि सावधान रहो और जब अम्नोन दाखमधु पीकर नशे में आ जाए, और मैं तुम से कहूं, अम्नोन को मार डालना। क्या इस आज्ञा का देनेवाला मैं नहीं हूं? हियाव बान्धकर पुरुषार्थ कर…
तब दाऊद ने अपनी पत्नी बतशेबा को शान्ति दी, और वह उसके पास गया; और असके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसने उसका नाम सुलैमान रखा। और वह यहोवा का प्रिय हुआ। (2 शमूएल 12:24)
और यरूशलेम में उसके ये पुत्र उत्पन्न हुए अर्थात शिमा, शोबाब, नातान और सुलैमान, ये चारों अम्मीएल की बेटी बतशू से उत्पन्न हुए। (1 इतिहास 3:5)
और यरूशलेम में उसके ये पुत्र उत्पन्न हुए अर्थात शिमा, शोबाब, नातान और सुलैमान, ये चारों अम्मीएल की बेटी बतशू से उत्पन्न हुए। (1 इतिहास 3:5)
तब राजा ने योआब से कहा, सुन, मैं ने यह बात मानी है; तू जा कर अबशालोम जवान को लौटा ला। (2 शमूएल 14:21)
और अबशालोम राजा का दर्शन बिना पाए यरूशलेम में दो वर्ष रहा। (2 शमूएल 14:28)
और यरूशलेम में उसके ये पुत्र उत्पन्न हुए अर्थात शिमा, शोबाब, नातान और सुलैमान, ये चारों अम्मीएल की बेटी बतशू से उत्पन्न हुए। (1 इतिहास 3:5)
तो योआब ने राजा के पास जा कर उसको यह बात सुनाईं; और राजा ने अबशालोम को बुलवाया। और वह उसके पास गया, और उसके सम्मुख भूमि पर मुंह के बल गिरके दण्डवत् की; और राजा ने अबशालोम को चूमा। (2 शमूएल 14:33)
चार वर्ष के बीतने पर अबशालोम ने राजा से कहा, मुझे हेब्रोन जा कर अपनी उस मन्नत को पूरी करने दे, जो मैं ने यहोवा की मानी है। (2 शमूएल 15:7)
योआब ने कहा, मैं तेरे संग यों ही ठहरा नहीं रह सकता! सो उसने तीन लकड़ी हाथ में ले कर अबशालोम के हृदय में, जो बांज वृक्ष में जीवति लटका था, छेद डाला। तब योआब के दस हथियार ढोने वाले जवानों ने अबशालोम को …
तब किसी ने दाऊद के पास जा कर यह समाचार दिया, कि इस्राएली मनुष्यों के मन अबशालोम की ओर हो गए हैं। तब दाऊद ने अपने सब कर्मचारियों से जो यरूशलेम में उसके संग थे कहा, आओ, हम भाग चलें; नहीं तो हम में से को…
और राजा ने योआब, अबीशै, और इत्तै को आज्ञा दी, कि मेरे निमित्त उस जवान, अर्थात अबशालोम से कोमलता करना। यह आज्ञा राजा ने अबशालोम के विषय सब प्रधानों को सब लोगों के सुनते दी। सो लोग इस्राएल का साम्हला कर…
तब गिलादी बर्जिल्लै रोगलीम से आया, और राजा के साथ यरदन पार गया, कि उसको यरदन के पार पहुंचाए। बर्जिल्लै तो वृद्ध पुरुष था, अर्थात अस्सी पर्ष की आयु का था जब तक राजा महनैम में रहता था तब तक वह उसका पालन…
और सुलैमान का पुत्र रहूबियाम यहूदा में राज्य करने लगा। रहूबियाम इकतालीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा; और यरूशलेम जिस को यहोवा ने सारे इस्राएली गोत्रों में से अपना नाम रखने के लिये चुन लिया था, उस नगर …
तब सादोक याजक ने यहोवा के तम्बू में से तेल भरा हुआ सींग निकाला, और सुलैमान का राज्याभिषेक किया। और वे नरसिंगे फूंकने लगे; और सब लोग बोल उठे, राजा सुलैमान जीविन रहे। (1 राजा 1:39)
साढ़े सात वर्ष तक तो उसने हेब्रोन में यहूदा पर राज्य किया, और तैंतीस वर्ष तक यरूशलेम में समस्त इस्राएल और यहूदा पर राज्य किया। (2 शमूएल 5:5)
Then David slept with his fathers and was buried in the city of David. (1KI 2:10
तब दाऊद अपने पुरखाओं के संग सो गया और दाऊदमुर में उसे मिट्टी दी गई। (1 राजा 2:10)
इस्राएलियों के मिस्र देश से निकलने के चार सौ अस्सीवें वर्ष के बाद जो सुलैमान के इस्राएल पर राज्य करने का चौथा वर्ष था, उसके जीव नाम दूसरे महीने में वह यहोवा का भवन बनाने लगा। (1 राजा 6:1)
इस्राएलियों के मिस्र देश से निकलने के चार सौ अस्सीवें वर्ष में, इस्राएल पर सुलैमान के शासन के चौथे वर्ष में, ज़ीव महीने में, जो दूसरा महीना है, उसने यहोवा का भवन बनाना आरंभ किया। (1 राजा 6:1)
और यहोवा ने उस से कहा, जो प्रार्थना गिड़गिड़ाहट के साथ तू ने मुझ से की है, उसको मैं ने सुना है, यह जो भवन तू ने बनाया है, उस में मैं ने अपना नाम सदा के लिये रख कर उसे पवित्र किया है; और मेरी आंखें और …
[सुलैमान के शासन के] ग्यारहवें वर्ष में, बूल के महीने में, जो आठवाँ महीना है, भवन अपने सब भागों और सब योजनाओं के अनुसार पूरा हुआ। इस प्रकार उसे बनाने में सात वर्ष लगे। (1 राजा 6:38)
जयंती #9
उन्हीं दिनों में यारोबाम यरूशलेम से निकलकर जा रहा था, कि शीलोबासी अहिय्याह नबी, नई चद्दर ओढ़े हुए मार्ग पर उस से मिला; और केवल वे ही दोनों मैदान में थे। और अहिय्याह ने अपनी उस नई चद्दर को ले लिया, और …
सुलैमान को यरूशलेम में सब इस्राएल पर राज्य करते हुए चालीस वर्ष बीते। और सुलैमान अपने पुरखाओं के संग सोया, और उसको उसके पिता दाऊद के नगर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र रहूबियाम उसके स्थान पर राजा हुआ।…
सुलैमान को यरूशलेम में सब इस्राएल पर राज्य करते हुए चालीस वर्ष बीते। (1 राजा 11:42)
यह सुनकर कि यारोबाम लौट आया है, समस्त इस्राएल ने उसको मणडली में बुलवा भेज कर, पूर्ण इस्राएल के ऊपर राजा नियुक्त किया, और यहूदा के गोत्र को छोड़ कर दाऊद के घाराने से कोई मिला न रहा। (1 राजा 12:20)
बेत्सूर, सोको, अदुल्लाम। (2 इतिहास 11:7)
और सुलैमान अपने पुरखाओं के संग सोया, और उसको उसके पिता दाऊद के नगर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र रहूबियाम उसके स्थान पर राजा हुआ। (1 राजा 11:43)
बेत्सूर, सोको, अदुल्लाम। (2 इतिहास 11:7)
तू जा कर यारोबाम से कह कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा तुझ से यों कहता है, कि मैं ने तो तुझ को प्रजा में से बढ़ाकर अपनी प्रजा इस्राएल पर प्रधान किया, और दाऊद के घराने से राज्य छीनकर तुझ को दिया, परन्तु त…
राजा रहूबियाम के पांचवें वर्ष में मिस्र का राजा शीशक, यरूशलेम पर चढ़ाई करके, यहोवा के भवन की अनमोल वस्तुएं और राजभवन की अनमोल वस्तुएं, सब की सब उठा ले गया; और सोने की जो ढालें सुलैमान ने बनाईं थीं सब …
And Rehoboam slept with his fathers and was buried with his fathers in the city of David; and his mother’s name was Naamah the Ammonitess. And Abijam his son became king in his place. Now in the EIGH…
और सुलैमान का पुत्र रहूबियाम यहूदा में राज्य करने लगा। रहूबियाम इकतालीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा; और यरूशलेम जिस को यहोवा ने सारे इस्राएली गोत्रों में से अपना नाम रखने के लिये चुन लिया था, उस नगर …
और सुलैमान का पुत्र रहूबियाम यहूदा में राज्य करने लगा। रहूबियाम इकतालीस वर्ष का हो कर राज्य करने लगा; और यरूशलेम जिस को यहोवा ने सारे इस्राएली गोत्रों में से अपना नाम रखने के लिये चुन लिया था, उस नगर …
और वह तीन वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम माका था जो अबशालोम की पुत्री थी: (1 राजा 15:2)
यारोबाम बाईस वर्ष तक राज्य कर के अपने पुरखाओं के साथ सो गया और नादाब नाम उसका पुत्र उसके स्थान पर राजा हुआ। (1 राजा 14:20)
इस्राएल के राजा यारोबाम के बीसवें वर्ष में आसा यहूदा पर राज्य करने लगा; (1 राजा 15:9)
यारोबाम बाईस वर्ष तक राज्य कर के अपने पुरखाओं के साथ सो गया और नादाब नाम उसका पुत्र उसके स्थान पर राजा हुआ। (1 राजा 14:20)
यहूदा के राजा आसा के दूसरे वर्ष में यारोबाम का पुत्र नादाब इस्राएल पर राज्य करने लगा; और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। (1 राजा 15:25)
यहूदा के राजा आसा के तीसरे वर्ष में अहिय्याह का पुत्र बाशा, तिर्सा में समस्त इस्राएल पर राज्य करने लगा, और चौबीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (1 राजा 15:33)
जब यहोशापात राज्य करने लगा, तब वह पैंतीस वर्ष का था। और पचीस पर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अजूबा था, जो शिल्ही की बेटी थी। (1 राजा 22:42)
तब दाऊद ने दाऊदपुर में भवन बनवाए, और परमेश्वर के सन्दूक के लिये एक स्थान तैयार कर के एक तम्बू खड़ा किया। तब दाऊद ने कहा, लेवियों को छोड़ और किसी को परमेश्वर का सन्दूक उठाना नहीं चाहिये, क्योंकि यहोवा …
आसा के राज्य के पन्द्रहवें वर्ष के तीसरे महीने में वे यरूशलेम में इकट्ठे हुए। और उसी समय उन्होंने उस लूट में से जो वे ले आए थे, सात सौ बैल और सात हजार भेड़-बकरियां, यहोवा को बलि कर के चढ़ाई। और उन्हों…
जयंती #10
और बाशा के विषय यहोवा का यह वचन हनानी के पुत्र येहू के पास पहुंचा, कि मैं ने तुझ को मिट्टी पर से उठा कर अपनी प्रजा इस्राएल का प्रधान किया, परन्तु तू यारोबाम की सी चाल चलता और मेरी प्रजा इस्राएल से ऐसे…
और बाशा के विषय यहोवा का यह वचन हनानी के पुत्र येहू के पास पहुंचा, कि मैं ने तुझ को मिट्टी पर से उठा कर अपनी प्रजा इस्राएल का प्रधान किया, परन्तु तू यारोबाम की सी चाल चलता और मेरी प्रजा इस्राएल से ऐसे…
यहूदा के राजा आसा के तीसरे वर्ष में अहिय्याह का पुत्र बाशा, तिर्सा में समस्त इस्राएल पर राज्य करने लगा, और चौबीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (1 राजा 15:33)
यहूदा के राजा आसा के छब्बीसवें वर्ष में बाशा का पुत्र एला तिर्सा में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। (1 राजा 16:8)
यहूदा के राजा आसा के छब्बीसवें वर्ष में बाशा का पुत्र एला तिर्सा में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। (1 राजा 16:8)
जब वह राजा हुआ, तब बत्तीस वर्ष का था, और आठ वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। (2 राजा 8:17)
यहूदा के राजा आसा के सत्ताईसवें वर्ष में जिम्री तिर्सा में राज्य करने लगा, और तिर्सा में सात दिन तक राज्य करता रहा। उस समय लोग पलिश्तियों के देश गिब्बतोन के विरुद्ध डेरे किए हुए थे। (1 राजा 16:15)
यहूदा के राजा आसा के सत्ताईसवें वर्ष में जिम्री तिर्सा में राज्य करने लगा, और तिर्सा में सात दिन तक राज्य करता रहा। उस समय लोग पलिश्तियों के देश गिब्बतोन के विरुद्ध डेरे किए हुए थे। (1 राजा 16:15)
तब इस्राएली प्रजा के दो भाग किए गए, प्रजा के आधे लोग तो तिब्नी नाम गीनत के पुत्र को राजा करने के लिये उसी के पीछे हो लिए, और आधे ओम्री के पीछे हो लिए। (1 राजा 16:21)
तब इस्राएली प्रजा के दो भाग किए गए, प्रजा के आधे लोग तो तिब्नी नाम गीनत के पुत्र को राजा करने के लिये उसी के पीछे हो लिए, और आधे ओम्री के पीछे हो लिए। (1 राजा 16:21)
अन्त में जो लोग ओम्री के पीछे हुए थे वे उन पर प्रबल हुए जो गीनत के पुत्र तिब्नी के पीछे हो लिए थे, इसलिये तिब्नी मारा गया और ओम्री राजा बन गया। (1 राजा 16:22)
अन्त में जो लोग ओम्री के पीछे हुए थे वे उन पर प्रबल हुए जो गीनत के पुत्र तिब्नी के पीछे हो लिए थे, इसलिये तिब्नी मारा गया और ओम्री राजा बन गया। (1 राजा 16:22)
यहूदा के राजा आशा के इकतीसवें वर्ष में ओम्री इस्राएल पर राज्य करने लगा, और बारह वर्ष तक राज्य करता रहा; उसने छ:वर्ष तो तिर्सा में राज्य किया। (1 राजा 16:23)
यहूदा के राजा आशा के इकतीसवें वर्ष में ओम्री इस्राएल पर राज्य करने लगा, और बारह वर्ष तक राज्य करता रहा; उसने छ:वर्ष तो तिर्सा में राज्य किया। (1 राजा 16:23)
आसा के राज्य के छत्तीसवें वर्ष में इस्राएल के राजा बाशा ने यहूदा पर चढ़ाई की और रामा को इसलिये दृढ़ किया, कि यहूदा के राजा आसा के पास कोई आने जाने न पाए। (2 इतिहास 16:1)
यहूदा के राजा आसा के अड़तीसवें वर्ष में ओम्री का पुत्र अहाब इस्राएल पर राज्य करने लगा, और इस्राएल पर शोमरोन में बाईस वर्ष तक राज्य करता रहा। (1 राजा 16:29)
और तिशबी एलिय्याह जो गिलाद के परदेसियों में से था उसने अहाब से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके सम्मुख मैं उपस्थित रहता हूँ, उसके जीवन की शपथ इन वर्षों में मेरे बिना कहे, न तो मेंह बरसेगा, और न ओस…
इस्राएल के राजा अहाब के पुत्र योराम के पांचवें वर्ष में, जब यहूदा का राजा यहोशापात जीवित था, तब यहोशापात का पुत्र यहोराम यहूदा पर राज्य करने लगा। (2 राजा 8:16)
अपने राज्य के उनतीसवें वर्ष में आसा को पांव का रोग हुआ, और वह रोग अत्यन्त बढ़ गया, तौभी उसने रोगी हो कर यहोवा की नहीं वैद्यों ही की शरण ली। (2 इतिहास 16:12)
और यरूशलेम में इकतालीस वर्ष तक राज्य करता रहा, और उसकी माता अबशालोम की पुत्री माका थी। (1 राजा 15:10)
अपने पिता के अधीन यहोशापात की राज-प्रतिनिधि अवधि तब समाप्त हुई जब उसके पिता की मृत्यु हुई और उसने शासन करना आरंभ किया।
इस्राएल के राजा अहाब के चौथे वर्ष में आसा का पुत्र यहोशापात यहूदा पर राज्य करने लगा। (1 राजा 22:41)
और उसने अपने राज्य के तीसरे वर्ष में बेन्हैल, ओबद्याह, जकर्याह, नतनेल और मीकायाह नामक अपने हाकिमों को यहूदा के नगरों में शिक्षा देने को भेज दिया। (2 इतिहास 17:7)
उसके दिनों में बेतेलवासी हीएल ने यरीहो को फिर बसाया; जब उसने उसकी नेव डाली तब उसका जेठा पुत्र अबीराम मर गया, और जब उसने उसके फाटक खड़े किए तब उसका लहुरा पुत्र सगूब मर गया, यह यहोवा के उस वचन के अनुसार…
जब अहज्याह राजा बना, तब बाईस वर्ष का था, और यरूशलेम में एक ही वर्ष राज्य किया। और उसकी माता का नाम अतल्याह था, जो इस्राएल के राजा ओम्री की पोती थी। (2 राजा 8:26)
इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, हां, यिम्ला का पुत्र मीकायाह एक पुरुष और है जिसके द्वारा हम यहोवा से पूछ सकते हैं? परन्तु मैं उस से घृणा रखता हूँ, क्योंकि वह मेरे विष्य कल्याण की नहीं वरन हानि ही …
और मीकायाह ने कहा, यदि तू कभी कुशल से लौटे, तो जान कि यहोवा ने मेरे द्वारा नहीं कहा। फिर उसने कहा, हे लोगो तुम सब के सब सुन लो। (1 राजा 22:28)
तब इस्राएल के राजा ने अपने कर्मचारियों से कहा, क्या तुम को मालूम है, कि गिलाद का रामोत हमारा है? फिर हम क्यों चुपचाप रहते और उसे अराम के राजा के हाथ से क्यों नहीं छीन लेते हैं? और उसने यहोशापात से पूछ…
जब राजा मर गया, तब शोमरोन को पहुंचाया गया और शोमरोन में उसे मिट्टी दी गई। (1 राजा 22:37)
यहूदा के राजा आसा के अड़तीसवें वर्ष में ओम्री का पुत्र अहाब इस्राएल पर राज्य करने लगा, और इस्राएल पर शोमरोन में बाईस वर्ष तक राज्य करता रहा। (1 राजा 16:29)
तब हनानी नाम दशीं का पुत्र येहू यहोशापात राजा से भेंट करने को निकला और उस से कहने लगा, क्या दुष्टों की सहायता करनी और यहोवा के बैरियों से प्रेम रखना चाहिये? इस काम के कारण यहोवा की ओर से तुझ पर क्रोध …
तब हनानी नाम दशीं का पुत्र येहू यहोशापात राजा से भेंट करने को निकला और उस से कहने लगा, क्या दुष्टों की सहायता करनी और यहोवा के बैरियों से प्रेम रखना चाहिये? इस काम के कारण यहोवा की ओर से तुझ पर क्रोध …
यहूदा के राजा यहोशापत के सत्रहवें वर्ष में अहाब का पुत्र अहज्याह शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा और दो वर्ष तक इस्राएल पर राज्य करता रहा। (1 राजा 22:51)
यहोराम अपने पिता यहोशापात के अधीन यहूदा का शासक था। यह 2 राजा 1:17 और 2 राजा 3:1 का सामंजस्य करता है। (टिप्पणियाँ देखें)
यहूदा के राजा यहोशापत के सत्रहवें वर्ष में अहाब का पुत्र अहज्याह शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा और दो वर्ष तक इस्राएल पर राज्य करता रहा। (1 राजा 22:51)
यहूदा के राजा यहोशापात के अठारहवें वर्ष में अहाब का पुत्र यहोराम शिमरोन में राज्य करने लगा, और बारह पर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 3:1)
The LORD said to him, “Go, return on your way to the wilderness of Damascus, and when you have arrived, you shall anoint Hazael king over Aram; and Jehu the son of Nimshi you shall anoint king over Is…
So Ahaziah died according to the word of the LORD which Elijah had spoken. And because he had no son, Jehoram became king in his place in the second year of Jehoram the son of Jehoshaphat, king of Jud…
क्योंकि यहोवा यों कहता है, कि तुम्हारे साम्हने न तो वायु चलेगी, और न वर्षा होगी; तौभी यह नाला पानी से भर जाएगा; और अपने गाय बैलों और पशुओं समेत तुम पीने पाओगे। और इस को हलकी सी बात जान कर यहोवा मोआब क…
जब अहाब मर गया, तब मोआब के राजा ने इस्राएल के राजा से बलवा किया। उस समय राजा यहोराम ने शोमरोन से निकल कर सारे इस्राएल की गिनती ली। और उसने जा कर यहूदा के राजा यहोशापात के पास यों कहला भेजा, कि मोआब के…
यहोराम अपने पिता यहोशापात के अधीन यहूदा का शासक था। यह 1 राजा 22:51 और 2 राजा 1:17 का सामंजस्य करता है। उसकी राज-प्रतिनिधि अवधि तब समाप्त हुई जब वह राजा बना।
इस्राएल के राजा अहाब के पुत्र योराम के पांचवें वर्ष में, जब यहूदा का राजा यहोशापात जीवित था, तब यहोशापात का पुत्र यहोराम यहूदा पर राज्य करने लगा। (2 राजा 8:16)
जब यहोशापात राज्य करने लगा, तब वह पैंतीस वर्ष का था। और पचीस पर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अजूबा था, जो शिल्ही की बेटी थी। (1 राजा 22:42)
जब यहोशापात राज्य करने लगा, तब वह पैंतीस वर्ष का था। और पचीस पर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अजूबा था, जो शिल्ही की बेटी थी। (1 राजा 22:42)
जयंती #11
तब एलिय्याह नबी का एक पत्र उसके पास आया, कि तेरे मूलपुरुष दाऊद का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि तू जो न तो अपने पिता यहोशापात की लीक पर चला है और न यहूदा के राजा आसा की लीक पर, (2 इतिहास 21:12)
तब येहू ने धनुष को कान तक खींच कर योराम के पखौड़ों के बीच ऐसा तीर मारा, कि वह उसका हृदय फोड़ कर निकल गया, और वह अपने रथ में झुक कर गिर पड़ा। (2 राजा 9:24)
यहूदा के राजा यहोशापात के अठारहवें वर्ष में अहाब का पुत्र यहोराम शिमरोन में राज्य करने लगा, और बारह पर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 3:1)
उन्होंने कहा झूठ है, हमें बता दे। उसने कहा, उसने मुझ से कहा तो बहुत, परन्तु मतलब यह है कि यहोवा यों कहता है कि मैं इस्राएल का राजा होने के लिये तेरा अभिषेक कर देता हूँ। तब उन्होंने झट अपना अपना वस्त्र…
जब अहज्याह की माता अतल्याह ने देखा, कि मेरा पुत्र मर गया, तब उसने पूरे राजवंश को नाश कर डाला। (2 राजा 11:1)
अहाब के पुत्र इस्राएल के राजा योराम के बारहवें वर्ष में यहूदा के राजा यहोराम का पुत्र अहज्याह राज्य करने लगा। (2 राजा 8:25)
जब अहज्याह राजा बना, तब बाईस वर्ष का था, और यरूशलेम में एक ही वर्ष राज्य किया। और उसकी माता का नाम अतल्याह था, जो इस्राएल के राजा ओम्री की पोती थी। (2 राजा 8:26)
यह देखकर यहूदा का राजा अहज्याह बारी के भवन के मार्ग से भाग चला। और येहू ने उसका पीछा कर के कहा, उसे भी रथ ही पर मारो; तो वह भी यिबलाम के पास की गूर की चढ़ाई पर मारा गया, और मगिद्दो तक भाग कर मर गया। (…
जब वह राजा हुआ, तब बत्तीस वर्ष का था, और आठ वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। (2 राजा 8:17)
येहू के सातवें वर्ष में योआश राज्य करने लगा, और यरूशलेम में चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम सिब्या था जो बेर्शेबा की थी। (2 राजा 12:1)
येहू के सातवें वर्ष में योआश राज्य करने लगा, और यरूशलेम में चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम सिब्या था जो बेर्शेबा की थी। (2 राजा 12:1)
जब वह राज्य करने लगा। तब वह पच्चीस वर्ष का था, और यरूशलेम में उनतीस वर्ष राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम यहोअद्दीन था, जो यरूशलेम की थी। (2 राजा 14:2)
येहू के शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने का समय तो अट्ठाईस वर्ष का था। (2 राजा 10:36)
अहज्याह के पुत्र यहूदा के राजा योआश के तेईसवें वर्ष में येहू का पुत्र यहोआहाज शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और सत्रह वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 13:1)
तौभी याजकों ने भवन में जो टूटा फूटा था, उसे योआश राजा के तेईसवें वर्ष तक नहीं सुधारा था। (2 राजा 12:6)
तब सारी यहूदी प्रजा ने अजर्याह को ले कर, जो सोलह वर्ष का था, उसके पिता अमस्याह के स्थान पर राजा नियुक्त कर दिया। (2 राजा 14:21)
अहज्याह के पुत्र यहूदा के राजा योआश के तेईसवें वर्ष में येहू का पुत्र यहोआहाज शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और सत्रह वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 13:1)
यहूदा के राजा योआश के राज्य के सैंतीसवें वर्ष में यहोआहाज का पुत्र यहोआश शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 13:10)
तब एलीशा मर गया, और उसे मिट्टी दी गई। एक वर्ष के बाद मोआब के दल देश में आए। (2 राजा 13:20)
येहू के सातवें वर्ष में योआश राज्य करने लगा, और यरूशलेम में चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम सिब्या था जो बेर्शेबा की थी। (2 राजा 12:1)
इस्राएल के राजा यहोआहाज के पुत्र योआश के दूसरे वर्ष में यहूदा के राजा योआश का पुत्र असस्याह राजा हुआ। (2 राजा 14:1)
जयंती #12
उसने इस्राएल का सिवाना हमात की घाटी से ले अराबा के ताल तक ज्यों का त्यों कर दिया, जैसा कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने अमित्तै के पुत्र अपने दास गथेपेरवासी योना भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था। (2 राजा…
इस्राएल के राजा यारोबाम के सताईसवें वर्ष में यहूदा के राजा अमस्याह का पुत्र अजर्याह राजा हुआ। (2 राजा 15:1)
तब सारी यहूदी प्रजा ने अजर्याह को ले कर, जो सोलह वर्ष का था, उसके पिता अमस्याह के स्थान पर राजा नियुक्त कर दिया। (2 राजा 14:21)
तब इस्राएल के राजा योआश ने यहूदा के राजा अमस्याह को जो अहज्याह का पोता, और योआश का पुत्र था, बेतशेमेश में पकड़ लिया, और यरूशलेम को गया, और यरूशलेम की शहरपनाह में से एप्रैमी फाटक से कोने वाले फाटक तक च…
यहूदा के राजा योआश के राज्य के सैंतीसवें वर्ष में यहोआहाज का पुत्र यहोआश शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 13:10)
यहूदा के राजा योआश के पुत्र अमस्याह के राज्य के पन्द्रहवें वर्ष में इस्राएल के राजा योआश का पुत्र यारोबाम शोमरोन में राज्य करने लगा, और एकतालीस वर्ष राज्य करता रहा। (2 राजा 14:23)
यहूदा के राजा योआश के पुत्र अमस्याह के राज्य के पन्द्रहवें वर्ष में इस्राएल के राजा योआश का पुत्र यारोबाम शोमरोन में राज्य करने लगा, और एकतालीस वर्ष राज्य करता रहा। (2 राजा 14:23)
यहूदा के राजा उज्जियाह, योताम, आहाज, और हिजकिय्याह के दिनों में और इस्राएल के राजा योआश के पुत्र यारोबाम के दिनों में, यहोवा का वचन बेरी के पुत्र होशे के पास पहुंचा॥ (होशे 1:1)
जब वह राज्य करने लगा, तब पच्चीस वर्ष का था, और यरूशलेम में सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी पाता का नाम यरूशा था जो सादोक की बेटी थी। (2 राजा 15:33)
जब अमस्याह राज्य करने लगा तब वह पच्चीस वर्ष का था, और यरूशलेम में उनतीस वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम यहोअद्दान था, जो यरूशलेम की थी। (2 इतिहास 25:1)
इस्राएल के राजा यारोबाम के सताईसवें वर्ष में यहूदा के राजा अमस्याह का पुत्र अजर्याह राजा हुआ। (2 राजा 15:1)
इस्राएल के राजा यारोबाम के सताईसवें वर्ष में यहूदा के राजा अमस्याह का पुत्र अजर्याह राजा हुआ। (2 राजा 15:1)
यहोआहाज के पुत्र इस्राएल के राजा यहोआश के मरने के बाद योआश का पुत्र यहूदा का राजा अमस्याह पन्द्रह वर्ष जीवित रहा। (2 राजा 14:17)
आमोस तकोई जो भेड़-बकरियों के चराने वालों में से था, उसके ये वचन हैं जो उसने यहूदा के राजा उज्जियाह के, और योआश के पुत्र इस्राएल के राजा यरोबाम के दिनों में, भुईंडोल से दो वर्ष पहिले, इस्राएल के विषय म…
आमोस के भविष्यवक्ता काल का अंत
जब आहाज राज्य करने लगा, तब वह बीस पर्ष का था, और सोलह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसने अपने मूलपुरुष दाऊद का सा काम नहीं किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में ठीक था। (2 राजा 16:2)
यहूदा के राजा योआश के पुत्र अमस्याह के राज्य के पन्द्रहवें वर्ष में इस्राएल के राजा योआश का पुत्र यारोबाम शोमरोन में राज्य करने लगा, और एकतालीस वर्ष राज्य करता रहा। (2 राजा 14:23)
योना के भविष्यवक्ता काल का अंत
यहूदा के राजा अजर्याह के अड़तीसवें वर्ष में यारोबाम का पुत्र जकर्याह इस्राएल पर शोमरोन में राज्य करने लगा, और छ: महीने राज्य किया। (2 राजा 15:8)
यहूदा के राजा अजर्याह के अड़तीसवें वर्ष में यारोबाम का पुत्र जकर्याह इस्राएल पर शोमरोन में राज्य करने लगा, और छ: महीने राज्य किया। (2 राजा 15:8)
यहूदा के राजा उज्जिय्याह के उनतालीसवें वर्ष में याबेश का पुत्र शल्लूम राज्य करने लगा, और महीने भर शोमरोन में राज्य करता रहा। (2 राजा 15:13)
यहूदा के राजा उज्जिय्याह के उनतालीसवें वर्ष में याबेश का पुत्र शल्लूम राज्य करने लगा, और महीने भर शोमरोन में राज्य करता रहा। (2 राजा 15:13)
यहूदा के राजा अजर्याह के उनतालीसवें वर्ष में गादी का पुत्र मनहेम इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दस वर्ष शोमरोन में राज्य करता रहा। (2 राजा 15:17)
अजर्याह के उनतालीसवें वर्ष में पेकह का मनहेम के साथ प्रतिद्वंद्वी शासन शुरू हुआ।
रमल्याह के पुत्र इस्राएल के राजा पेकह के दूसरे वर्ष में यहूदा के राजा उजिय्याह का पुत्र योताम राजा हुआ। (2 राजा 15:32)
जयंती #13
यहूदा के राजा अजर्याह के उनतालीसवें वर्ष में गादी का पुत्र मनहेम इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दस वर्ष शोमरोन में राज्य करता रहा। (2 राजा 15:17)
मनहेम के साथ पेकह का प्रतिद्वंद्वी शासन मनहेम की मृत्यु और उसके शासन की समाप्ति से समाप्त हुआ।
यहूदा के राजा अजर्याह के पचासवें वर्ष में मनहेम का पुत्र पकह्याह शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 15:23)
यहूदा के राजा अजर्याह के बावनवें वर्ष में रमल्याह का पुत्र पेकह शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और बीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 15:27)
जब वह राज्य करने लगा तब पच्चीस वर्ष का था, और उनतीस वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अबी था, जो जकर्याह की बेटी थी। (2 राजा 18:2)
यहूदा के राजा अजर्याह के पचासवें वर्ष में मनहेम का पुत्र पकह्याह शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 15:23)
यहूदा के राजा अजर्याह के बावनवें वर्ष में रमल्याह का पुत्र पेकह शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और बीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 15:27)
यहूदा के राजा अजर्याह के बावनवें वर्ष में रमल्याह का पुत्र पेकह शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और बीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 15:27)
जिस वर्ष उज्जिय्याह राजा मरा, मैं ने प्रभु को बहुत ही ऊंचे सिंहासन पर विराजमान देखा; और उसके वस्त्र के घेर से मन्दिर भर गया। (यशायाह 6:1)
The word of the LORD that came to Joel, the son of Pethuel: (JOE 1:1)
यहोवा का वचन, जो यहूदा के राजा योताम, आहाज और हिजकिय्याह के दिनों में मीका मोरेशेती को पहुंचा, जिस को उसने शोमरोन और यरूशलेम के विषय में पाया॥ (मीका 1:1)
यहूदा पर अजर्याह के साथ योताम की सह-शासन अजर्याह की मृत्यु और उसके शासन की समाप्ति से समाप्त हुई
यहूदा पर योताम का एकल शासन अजर्याह की मृत्यु और उसके शासन की समाप्ति से शुरू हुआ
जब वह राज्य करने लगा, तब सोलह वर्ष का था, और यरूशलेम में बावन वर्ष राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम यकोल्याह था, जो यरूशलेम की थी। (2 राजा 15:2)
जब वह राज्य करने लगा, तब सोलह वर्ष का था, और यरूशलेम में बावन वर्ष राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम यकोल्याह था, जो यरूशलेम की थी। (2 राजा 15:2)
योएल के भविष्यवक्ता काल का अंत
रमल्याह के पुत्र पेकह के सत्रहवें वर्ष में यहूदा के राजा योताम का पुत्र आहाज राज्य करने लगा। (2 राजा 16:1)
उजिय्याह के पुत्र योताम के बीसवें वर्ष में एला के पुत्र होशे ने रमल्याह के पुत्र पेकह से राजद्रोह की गोष्ठी कर के उसे मारा, और उसे घात कर के उसके स्थान पर राजा बन गया। (2 राजा 15:30)
जब वह राज्य करने लगा, तब पच्चीस वर्ष का था, और यरूशलेम में सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी पाता का नाम यरूशा था जो सादोक की बेटी थी। (2 राजा 15:33)
यहूदा के राजा अजर्याह के बावनवें वर्ष में रमल्याह का पुत्र पेकह शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और बीस वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 15:27)
उजिय्याह के पुत्र योताम के बीसवें वर्ष में एला के पुत्र होशे ने रमल्याह के पुत्र पेकह से राजद्रोह की गोष्ठी कर के उसे मारा, और उसे घात कर के उसके स्थान पर राजा बन गया। (2 राजा 15:30)
अहाज का एकल शासन उसकी सह-रीजेंसी समाप्त होने पर शुरू हुआ
अहाज की अपने पिता के साथ सह-रीजेंसी उसके पिता की मृत्यु पर समाप्त हुई
निदान योताम अपने पुरखाओं के संग सो गया और अपने मुलपुरुष दाऊद के नगर में अपने पुरखाओं के बीच उसको मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र आहाज उसके स्थान पर राज्य करने लगा। (2 राजा 15:38)
उजिय्याह के पुत्र योताम के बीसवें वर्ष में एला के पुत्र होशे ने रमल्याह के पुत्र पेकह से राजद्रोह की गोष्ठी कर के उसे मारा, और उसे घात कर के उसके स्थान पर राजा बन गया। (2 राजा 15:30)
एला के पुत्र इस्राएल के राजा होशे के तीसरे वर्ष में यहूदा के राजा आहाज का पुत्र हिजकिय्याह राजा हुआ। (2 राजा 18:1)
यहूदा के राजा उज्जियाह, योताम, आहाज, और हिजकिय्याह के दिनों में और इस्राएल के राजा योआश के पुत्र यारोबाम के दिनों में, यहोवा का वचन बेरी के पुत्र होशे के पास पहुंचा॥ (होशे 1:1)
राजा हिजकिय्याह के चौथे वर्ष में जो एला के पुत्र इस्राएल के राजा होशे का सातवां वर्ष था, अश्शूर के राजा शल्मनेसेर ने शोमरोन पर चढ़ाई कर के उसे घेर लिया। (2 राजा 18:9)
यहूदा के राजा आहाज के बारहवें वर्ष में एला का पुत्र होशे शोमरोन में, इस्राएल पर राज्य करने लगा, और नौ वर्ष तक राज्य करता रहा। (2 राजा 17:1)
और तीन वर्ष के बीतने पर उन्होंने उसको ले लिया। इस प्रकार हिजकिय्याह के छठवें वर्ष में जो इस्राएल के राजा होशे का नौवां वर्ष था, शोमरोन ले लिया गया। (2 राजा 18:10)
होशे के नौवें वर्ष में अश्शूर के राजा ने शोमरोन को ले लिया, और इस्राएल को अश्शूर में ले जा कर, हलह में और गोजान की नदी हाबोर के पास और मादियों के नगरों में बसाया। (2 राजा 17:6) और तीन वर्ष के बीतने पर…
निदान आहाज अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसे उसके पुरखाओं के बीच दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र हिजकिय्याह उसके स्थान पर राज्य करने लगा। (2 राजा 16:20)
निदान आहाज अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसे उसके पुरखाओं के बीच दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र हिजकिय्याह उसके स्थान पर राज्य करने लगा। (2 राजा 16:20)
जब आहाज राज्य करने लगा, तब वह बीस पर्ष का था, और सोलह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसने अपने मूलपुरुष दाऊद का सा काम नहीं किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में ठीक था। (2 राजा 16:2)
निदान आहाज अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसे उसके पुरखाओं के बीच दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, और उसका पुत्र हिजकिय्याह उसके स्थान पर राज्य करने लगा। (2 राजा 16:20)
जब मनश्शे राज्य करने लगा, तब वह बारह वर्ष का था, और यरूशलेम में पचपन वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हेप्सीबा था। (2 राजा 21:1)
हिजकिय्याह राजा के चौदहवें वर्ष में अश्शूर के राजा सन्हेरीब ने यहूदा के सब गढ़ वाले नगरों पर चढ़ाई कर के उन को ले लिया। (2 राजा 18:13)
कि लौटकर मेरी प्रजा के प्रधान हिजकिय्याह से कह, कि तेरे मूलपुरुष दाऊद का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तेरी प्रार्थना सुनी और तेरे आंसू देखे हैं; देख, मैं तुझे चंगा करता हूँ; परसों तू यहोवा के…
मनश्शे अपने पिता हिजकिय्याह के साथ सह-शासन करता है।
जयंती #14
यहूदा के राजा हिजकिय्याह के दिनों में मोरसेती मीकायाह भविष्यद्वाणी कहता था, उसने यहूदा के सारे लोगों से कहा, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि सिय्योन जोतकर खेत बनाया जाएगा और यरूशलेम खएडहर हो जाएगा, और …
यशायाह के भविष्यवक्ता काल का अंत
निदान हिजकिय्याह अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसका पुत्र मनश्शे उसके स्थान पर राज्य करने लगा। (2 राजा 20:21)
निदान हिजकिय्याह अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसका पुत्र मनश्शे उसके स्थान पर राज्य करने लगा। (2 राजा 20:21)
जब वह राज्य करने लगा तब पच्चीस वर्ष का था, और उनतीस वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अबी था, जो जकर्याह की बेटी थी। (2 राजा 18:2)
क्या तू अमोन नगरी से बढ़ कर है, जो नहरों के बीच बसी थी, और उसके चारों ओर जल था, और महानद उसके लिये किला और शहरपनाह का काम देता था? (नहूम 3:8)
जब आमोन राज्य करने लगा, तब वह बाईस पर्ष का था, और यरूशलेम में दो वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम मशुल्लेमेत था जो योत्बावासी हारूम की बेटी थी। (2 राजा 21:19)
जब योशिय्याह राज्य करने लगा, तब वह आठ वर्ष का था, और यरूशलेम में एकतीस वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम यदीदा था जो बोस्कतवासी अदाया की बेटी थी। (2 राजा 22:1)
जयंती #15
निदान मनश्शे अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसे उसके भवन की बारी में जो उज्जर की बारी कहलाती थी मिट्टी दी गई; और उसका पुत्र आमोन उसके स्थान पर राजा हुआ। (2 राजा 21:18)
जब मनश्शे राज्य करने लगा, तब वह बारह वर्ष का था, और यरूशलेम में पचपन वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हेप्सीबा था। (2 राजा 21:1)
निदान मनश्शे अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसे उसके भवन की बारी में जो उज्जर की बारी कहलाती थी मिट्टी दी गई; और उसका पुत्र आमोन उसके स्थान पर राजा हुआ। (2 राजा 21:18)
आमोन के पुत्र यहूदा के राजा योशिय्याह के दिनों में, सपन्याह के पास जो हिजकिय्याह के पुत्र अमर्याह का परपोता और गदल्याह का पोता और कूशी का पुत्र था, यहोवा का यह वचन पहुंचा: (सपन्याह 1:1)
तब साधारण लोगों ने उन सभों को मार डाला, जिन्होंने राजा आमोन से द्रोह की गोष्ठी की थी, और लोगों ने उसके पुत्र योशिय्याह को उसके स्थान पर राजा किया। (2 राजा 21:24)
जब आमोन राज्य करने लगा, तब वह बाईस पर्ष का था, और यरूशलेम में दो वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम मशुल्लेमेत था जो योत्बावासी हारूम की बेटी थी। (2 राजा 21:19)
और आमोन के कर्मचारियों ने द्रोह की गोष्ठी कर के राजा को उसी के भवन में मार डाला। (2 राजा 21:23)
जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पच्चीस पर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम जबीदा था जो रूमावासी अदायाह की बेटी थी। (2 राजा 23:36)
जब यहोआहाज राज्य करने लगा, तब वह तेईस वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी। (2 राजा 23:31)
हिल्किय्याह का पुत्र यिर्मयाह जो बिन्यामीन देश के अनातोत में रहने वाले याजकों में से था, उसी के ये वचन हैं। यहोवा का वचन उसके पास आमोन के पुत्र यहूदा के राजा योशिय्याह के दिनों में उसके राज्य के तेरहव…
अपने राज्य के अठारहवें वर्ष में राजा योशिय्याह ने असल्याह के पुत्र शापान मंत्री को जो मशुल्लाम का पोता था, यहोवा के भवन में यह कह कर भेजा, कि हिलकिय्याह महायाजक के पास जा कर कह, कि जो चान्दी यहोवा के …
और राजा ने सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, कि इस वाचा की पुस्तक में जो कुछ लिखा है, उसके अनुसार अपने परमेश्वर यहोवा के लिये फसह का पर्व मानो। निश्चय ऐसा फसह न तो न्यायियों के दिनों में माना गया था जो…
जब सिदकिय्याह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी। (2 राजा 24:18)
जब यहोयाकीन राज्य करने लगा, तब वह अठारह वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम नहुश्ता था, जो यरूशलेम के एलनातान की बेटी थी। (2 राजा 24:8)
नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक॥ (नहूम 1:1)
आमोन के पुत्र यहूदा के राजा योशिय्याह के दिनों में, सपन्याह के पास जो हिजकिय्याह के पुत्र अमर्याह का परपोता और गदल्याह का पोता और कूशी का पुत्र था, यहोवा का यह वचन पहुंचा: (सपन्याह 1:1)
देखो, मैं कसदियों को उभारने पर हूं, वे क्रूर और उतावली करने वाली जाति हैं, जो पराए वासस्थानों के अधिकारी होने के लिये पृथ्वी भर में फैल गए हैं। (हबक्कूक 1:6)
तब उसके कर्मचारियों ने उसकी लोथ एक रथ पर रख मगिद्दो से ले जा कर यरूशलेम को पहुंचाई और उसकी निज कबर में रख दी। तब साधारण लोगों ने योशिय्याह के पुत्र यहोआहाज को ले कर उसका अभिषेक कर के, उसके पिता के स्थ…
जब यहोआहाज राज्य करने लगा, तब वह तेईस वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी। (2 राजा 23:31) उसको फ़िरौन-नको ने हमात दे…
तब फिरौन-नको ने योशिय्याह के पुत्र एल्याकीम को उसके पिता योशिय्याह के स्थान पर राजा नियुक्त किया, और उसका नाम बदल कर यहोयाकीम रखा; और यहोआहाज को ले गया। सो यहोआहाज मिस्र में जा कर वहीं मर गया। (2 राजा…
जब योशिय्याह राज्य करने लगा, तब वह आठ वर्ष का था, और यरूशलेम में एकतीस वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम यदीदा था जो बोस्कतवासी अदाया की बेटी थी। (2 राजा 22:1)
उसके दिनों में फ़िरौन-नको नाम मिस्र का राजा अश्शूर के राजा के विरुद्ध परात महानद तक गया तो योशिय्याह राजा भी उसका साम्हना करने को गया, और उसने उसको देखते ही मगिद्दो में मार डाला। (2 राजा 23:29)
और यहूदा का राजा यहोयाकीन अपनी माता और कर्मचारियों, हाकिमों और खोजों को संग ले कर बाबेल के राजा के पास गया, और बाबेल के राजा ने अपने राज्य के आठवें वर्ष मे उन को पकड़ लिया। (2 राजा 24:12)
In the THIRD YEAR of the reign of Jehoiakim king of Judah, Nebuchadnezzar king of Babylon came to Jerusalem and besieged it. Then the king ordered Ashpenaz, the chief of his officials, to bring in so…
योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में जो बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के राज्य का पहिला वर्ष था, (यिर्मयाह 25:1)
फिर योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे बरस में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा, एक पुस्तक ले कर जितने वचन मैं ने तुझ से योशिय्याह के दिनों से ले कर अर्थात जब मैं त…
और योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के पांचवें बरस के नौवें महीने में यरूशलेम में जितने लोग थे, और यहूदा के नगरों से जितने लोग यरूशलेम में आए थे, उन्होंने यहोवा के साम्हने उपवास करने…
Now in the second year of the reign of Nebuchadnezzar, Nebuchadnezzar had dreams; and his spirit was troubled and his sleep left him. So the decree went forth that the wise men should be slain; and …
उसके दिनों में बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने चढाई की और यहोयाकीम तीन वर्ष तक उसके आधीन रहा; तब उसने फिर कर उस से बलवा किया। (2 राजा 24:1)
निदान यहोयाकीम अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसका पुत्र यहोयाकीन उसके स्थान पर राजा हुआ। (2 राजा 24:6)
जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पच्चीस पर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम जबीदा था जो रूमावासी अदायाह की बेटी थी। (2 राजा 23:36)
निदान यहोयाकीम अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसका पुत्र यहोयाकीन उसके स्थान पर राजा हुआ। (2 राजा 24:6)
जब यहोयाकीन राज्य करने लगा, तब वह अठारह वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम नहुश्ता था, जो यरूशलेम के एलनातान की बेटी थी। (2 राजा 24:8)
और वह यहोयाकीन को बाबेल में ले गया और उसकी माता और स्त्रियों और खोजों को और देश के बड़े लोगों को वह बन्धुआ कर के यरूशलेम से बाबेल को ले गया। (2 राजा 24:15)
और बाबेल के राजा ने उसके स्थान पर उसके चाचा मत्तन्याह को राजा नियुक्त किया और उसका नाम बदलकर सिदकिय्याह रखा। (2 राजा 24:17)
जयंती #16
(On the fifth of the month in the fifth year of King Jehoiachin’s exile, the word of the LORD came expressly to Ezekiel the priest, son of Buzi, in the land of the Chaldeans by the river Chebar; and t…
Now it came about in the thirtieth year, on the fifth day of the fourth month, while I was by the river Chebar among the exiles, the heavens were opened and I saw visions of God. (On the fifth of the …
और सिदकिय्याह ने बाबेल के राजा से बलवा किया। उसके राज्य के नौवें वर्ष के दसवें महीने के दसवें दिन को बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने अपनी पूरी सेना ले कर यरूशलेम पर चढ़ाई की, और उसके पास छावनी कर के उसके…
और नगर सिदकिय्याह राजा के ग्यारहवें वर्ष तक घिरा हुआ रहा। (2 राजा 25:2)
बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर के उन्नीसवें वर्ष के पांचवें महीने के सातवें दिन को जल्लादों का प्रधान नबूजरदान जो बाबेल के राजा का एक कर्मचारी था, यरूशलेम में आया। और उसने यहोवा के भवन और राजभवन और यरूशलेम…
हबक्कूक के भविष्यवक्ता काल का अंत
यहेजकेल के भविष्यवक्ता काल का अंत
इसके बाद योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के दिनों में, और योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के अन्त तक भी प्रगट होता रहा जब तक उसी वर्ष के पांचवें महीने …
यहोवा यों कहता है कि बाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा। (यिर्मयाह 29:10)
जब सिदकिय्याह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी। (2 राजा 24:18)
जिस दिन परदेशी लोग उसकी धन सम्पत्ति छीन कर ले गए, और बिराने लोगों ने उसके फाटकों से घुस कर यरूशलेम पर चिट्ठी डाली, उस दिन तू भी उन में से एक था। (ओबद्याह 1:11)
ओबद्याह के भविष्यवक्ता काल का अंत
फिर यहूदा के राजा यहोयाकीन की बंधुआई के सैंतीसवें वर्ष में अर्थात जिस वर्ष बाबुल का राजा एबीलमरोदक राजगद्दी पर विराजमान हुआ, उसी के बारहवें महीने के पच्चीसवें दिन को उसने यहूदा के राजा यहोयाकीन को बन्…
फिर यहूदा के राजा यहोयाकीन की बंधुआई के सैंतीसवें वर्ष में अर्थात जिस वर्ष बाबुल का राजा एबीलमरोदक राजगद्दी पर विराजमान हुआ, उसी के बारहवें महीने के पच्चीसवें दिन को उसने यहूदा के राजा यहोयाकीन को बन्…
फिर यहूदा के राजा यहोयाकीन की बन्धुआई के तैंतीसवें वर्ष में अर्थात जिस वर्ष में बाबेल का राजा एवील्मरोदक राजगद्दी पर विराजमान हुआ, उसी के बारहवें महीने के सत्ताईसवें दिन को उसने यहूदा के राजा यहोयाकीन…
कुस्रू महान के शासन की शुरुआत मुख्य रूप से दो अलग-अलग संदर्भों से जुड़ी है: फ़ारस पर उसका शासन (अनशान या फ़ारस के राजा के रूप में) और बाबुल की उसकी विजय, जिसने बेबीलोन साम्राज्य पर उसकी प्रभुता को चिह…
एवील-मरोदक ने दो वर्ष राज्य किया
बेलशस्सर की अपने पिता नबोनिदुस के साथ सह-शासन एविल-मरोदक के शासन की समाप्ति के लगभग पाँच वर्ष बाद शुरू हुई।
फारस देश के राजा कुस्रू के राज्य के तीसरे वर्ष में दानिय्येल पर, जो बेलतशस्सर भी कहलाता है, एक बात प्रगट की गई। और वह बात सच थी कि बड़ा युद्ध होगा। उसने इस बात को बूझ लिया, और उसको इस देखी हुई बात की …
बाबुल के राजा बेलशस्सर के पहिले वर्ष में, दानिय्येल ने पलंग पर स्वप्न देखा। तब उसने वह स्वप्न लिखा, और बातों का सारांश भी वर्णन किया। (दानिय्येल 7:1)
बेलशस्सर राजा के राज्य के तीसरे वर्ष में उस पहिले दर्शन के बाद एक और बात मुझ दानिय्येल को दर्शन के द्वारा दिखाई गई। (दानिय्येल 8:1)
जयंती #17
बेबीलोन साम्राज्य पर बेलशस्सर की नबोनिदुस के साथ सह-शासन कुस्रू द्वारा उसकी हार से समाप्त हुई।
कुस्रू महान के शासन की शुरुआत मुख्य रूप से दो अलग-अलग संदर्भों से जुड़ी है: फ़ारस पर उसका शासन (अनशान या फ़ारस के राजा के रूप में) और बाबुल की उसकी विजय, जिसने बेबीलोन साम्राज्य पर उसकी प्रभुता को चिह…
और दानिय्येल कुस्रू राजा के पहिले वर्ष तक बना रहा॥ (दानिय्येल 1:21)
फ़ारस के राजा कुस्रू के पहले वर्ष में, ताकि यहोवा का वह वचन पूरा हो जो यिर्मयाह के मुँह से निकला था, यहोवा ने फ़ारस के राजा कुस्रू की आत्मा को उभारा, और उसने अपने सारे राज्य में इस आशय की घोषणा करवाई,…
यरूशलेम में परमेश्वर के भवन में आने के दूसरे वर्ष में, दूसरे महीने में, शालतीएल के पुत्र जरुब्बाबेल और योसादाक के पुत्र येशू ने काम शुरू किया और बीस वर्ष और उससे अधिक उम्र के लेवियों को यहोवा के भवन क…
बाबुल पर कुस्रू का शासन नौ वर्ष बाद समाप्त हुआ।
फ़ारस पर कुस्रू का शासन छब्बीस वर्ष बाद समाप्त हुआ।
दारा का राजा के रूप में शासन कुस्रू के शासन की समाप्ति के आठ वर्ष बाद शुरू हुआ। कम्बीसेस ने कुस्रू और दारा "महान" के बीच आठ वर्ष की अवधि में शासन किया।
क्षयर्ष के राज्य के पहिले दिनों में उन्होंने यहूदा और यरूशलेम के निवासियों का दोषपत्र उसे लिख भेजा। (एज्रा 4:6) इसलिये अब इस आज्ञा का प्रचार कर कि वे मनुष्य रोके जाएं और जब तक मेरी ओर से आज्ञा न मिले,…
मादी क्षयर्ष का पुत्र दारा, जो कसदियों के देश पर राजा ठहराया गया था, उसके राज्य के पहिले वर्ष में, मुझ दानिय्येल ने शास्त्र के द्वारा समझ लिया कि यरूशलेम की उजड़ी हुई दशा यहोवा के उस वचन के अनुसार, जो…
तब राजा दारा की आज्ञा से बाबेल के पुस्तकालय में जहां खजाना भी रहता था, खोज की गई। (एज्रा 6:1) और परमेश्वर जिसने वहां अपने नाम का निवास ठहराया है, वह क्या राजा क्या प्रजा, उन सभों को जो यह आज्ञा टालने …
दारा राजा के दूसरे वर्ष के छठवें महीने के पहिले दिन, यहोवा का यह वचन, हाग्गै भविष्यद्वक्ता के द्वारा, शालतीएल के पुत्र जरूब्बाबेल के पास, जो यहूदा का अधिपति था, और यहोसादाक के पुत्र यहोशू महायाजक के प…
दारा राजा के दूसरे वर्ष के छठवें महीने के पहिले दिन, यहोवा का यह वचन, हाग्गै भविष्यद्वक्ता के द्वारा, शालतीएल के पुत्र जरूब्बाबेल के पास, जो यहूदा का अधिपति था, और यहोसादाक के पुत्र यहोशू महायाजक के प…
फिर सातवें महीने के इक्कीसवें दिन को यहोवा का यह वचन हाग्गै भविष्यद्वक्ता के पास पहुंचा, शालतीएल के पुत्र यहूदा के अधिपति जरूब्बाबेल, और यहोसादाक के पुत्र यहोशू महायाजक और सब बचे हुए लोगों से यह बात क…
दारा के राज्य के दूसरे वर्ष के आठवें महीने में जकर्याह भविष्यद्वक्ता के पास जो बेरेक्याह का पुत्र और इद्दो का पोता था, यहोवा का यह वचन पहुंचा: (जकर्याह 1:1)
दारा के राज्य के दूसरे वर्ष के आठवें महीने में जकर्याह भविष्यद्वक्ता के पास जो बेरेक्याह का पुत्र और इद्दो का पोता था, यहोवा का यह वचन पहुंचा: यहोवा तुम लोगों के पुरखाओं से बहुत ही क्रोधित हुआ था। इसल…
फिर दारा राजा के चौथे वर्ष में किसलेव नाम नौवें महीने के चौथे दिन को, यहोवा का वचन जकर्याह के पास पहुंचा। (जकर्याह 7:1)
उसी महीने के चौबीसवें दिन को दूसरी बार यहोवा का यह वचन हाग्गै के पास पहुंचा, यहूदा के अधिपति जरूब्बाबेल से यों कह : (हाग्गै 2:20)
इस प्रकार वह भवन राजा दारा के राज्य के छठवें वर्ष में अदार महीने के तीसरे दिन को बनकर समाप्त हुआ। (एज्रा 6:15)
यहोवा यों कहता है कि बाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा। (यिर्मयाह 29:10)
हकल्याह के पुत्र नहेमायाह के वचन। बीसवें वर्ष के किसलवे नाम महीने में, जब मैं शूशन नाम राजगढ़ में रहता था, (नहेम्याह 1:1)
जयंती #18
परन्तु मैं इस समय यरूशलेम में नहीं था, क्योंकि बाबेल के राजा अर्तक्षत्र के बत्तीसवें वर्ष में मैं राजा के पास चला गया। फिर कितने दिनों के बाद राजा से छुट्टी मांगी, और मैं यरूशलेम को आया, तब मैं ने जान…
मलाकी के द्वारा इस्राएल के विषय में कहा हुआ यहोवा का भारी वचन॥ (मलाकी 1:1)
दारा की मृत्यु 486 ईसा पूर्व अक्टूबर में हुई, संभवतः प्राकृतिक कारणों से, यूनान पर दूसरे आक्रमण की योजना बनाने के बाद। उसका पुत्र क्षयर्ष प्रथम उसका उत्तराधिकारी बना।
दारा का पुत्र, क्षयर्ष प्रथम, उसका उत्तराधिकारी बना।
क्षयर्ष नाम राजा के दिनों में ये बातें हुईं: यह वही क्षयर्ष है, जो एक सौ सताईस प्रान्तों पर, अर्थात हिन्दुस्तान से ले कर कूश देश तक राज्य करता था। उन्हीं दिनों में जब क्षयर्ष राजा अपनी उस राजगद्दी पर …
यों एस्तेर राजभवन में राजा क्षयर्ष के पास उसके राज्य के सातवें वर्ष के तेबेत नाम दसवें महीने में पहुंचाई गई। और राजा ने एस्तेर को और सब स्त्रियों से अधिक प्यार किया, और और सब कुंवारियों से अधिक उसके अ…
मलाकी के भविष्यवक्ता काल का अंत
यों एस्तेर राजभवन में राजा क्षयर्ष के पास उसके राज्य के सातवें वर्ष के तेबेत नाम दसवें महीने में पहुंचाई गई। और राजा ने एस्तेर को और सब स्त्रियों से अधिक प्यार किया, और और सब कुंवारियों से अधिक उसके अ…
राजा क्षयर्ष के बारहवें वर्ष के नीसान नाम पहिले महीने में, हामान ने अदार नाम बारहवें महीने तक के एक एक दिन और एक एक महीने के लिये “पूर” अर्थात चिट्ठी अपने साम्हने डलवाई। (एस्तेर 3:7)
क्षयर्ष प्रथम ने इक्कीस वर्ष शासन किया।
क्षयर्ष प्रथम का पुत्र, अर्तक्षस्त, उसका उत्तराधिकारी बना।
जयंती #19
अर्तक्षस्त प्रथम ने 41 वर्ष शासन किया।
जयंती #20
जयंती #21
जयंती #22
जयंती #23
जयंती #24
जयंती #25
जयंती #26
जयंती #27
जयंती #28
जयंती #29
जयंती #30
जयंती #31
जयंती #32
जयंती #33
जयंती #34
जयंती #35
जयंती #36
जयंती #37
जयंती #38
जयंती #39
जयंती #40
जयंती #41
जयंती #42
जयंती #43
जयंती #44
जयंती #45
जयंती #46
जयंती #47
जयंती #48
जयंती #49
जयंती #50
जयंती #51
जयंती #52
जयंती #53
जयंती #54
जयंती #55
जयंती #56
जयंती #57
जयंती #58
जयंती #59
जयंती #60
जयंती #61
जयंती #62
जयंती #63
जयंती #64
जयंती #65
जयंती #66
जयंती #67
जयंती #68
जयंती #69
जयंती #70